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नॉर्थ ईस्ट भारत का आखिरी नहीं, पहला बॉर्डर

राजनाथ सिंह बोले- नॉर्थ ईस्ट भारत का आखिरी नहीं, पहला बॉर्डर है, देश की पहचान में बताया अहम योगदान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नॉर्थ ईस्ट को भारत का पहला बॉर्डर बताया। उन्होंने सुकना में सैनिकों को संबोधित करते हुए क्षेत्र के रणनीतिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया।

राजनाथ सिंह बोले- नॉर्थ ईस्ट भारत का आखिरी नहीं पहला बॉर्डर है देश की पहचान में बताया अहम योगदान

Rajnath Singh Calls Northeast India's First Border, Highlights Its Importance |

सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को नॉर्थ ईस्ट को भारत का आखिरी बॉर्डर नहीं, बल्कि पहला बॉर्डर बताया। उन्होंने इस क्षेत्र के भौगोलिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत महत्व को रेखांकित करते हुए देश की पहचान में इसके योगदान की सराहना की। दार्जिलिंग के सुकना मिलिट्री स्टेशन में दिवाली समारोह के तहत आयोजित बड़ा खाना कार्यक्रम में सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और अनूठी परंपराओं के कारण भारत के लिए विशेष महत्व रखता है।

देश की पहचान में नॉर्थ ईस्ट का अहम योगदान

रक्षा मंत्री ने कहा, "मैं नॉर्थ ईस्ट को भारत का आखिरी बॉर्डर नहीं, बल्कि देश का पहला बॉर्डर मानता हूं। जब हम भारत के भूगोल, संस्कृति और सभ्यता पर विचार करते हैं, तो नॉर्थ ईस्ट का योगदान बहुत अहम है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध बायोडायवर्सिटी, सांस्कृतिक विविधता और अनोखी परंपराओं के साथ, यह इलाका भारत की पहचान में एक अलग पहलू जोड़ता है।"

सुकना मिलिट्री स्टेशन की रणनीतिक अहमियत पर दिया जोर

राजनाथ सिंह ने सुकना मिलिट्री स्टेशन को पूर्वी भारत की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है और यहां तैनात सैनिकों को हर समय ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, "सुकना को आम तौर पर सिर्फ एक मिलिट्री स्टेशन माना जाता है। लेकिन, मेरा मानना है कि यह पूर्वी भारत के सिक्योरिटी सिस्टम में एक जरूरी कड़ी है। जिस इलाके में आप तैनात हैं, वह ज्योग्राफिकली बहुत सेंसिटिव है। आपको हर समय ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखने की जरूरत है।"

बदलती सुरक्षा चुनौतियों पर राजनाथ सिंह ने जताई चिंता

रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षा चुनौतियों का स्वरूप काफी बदल गया है। अब युद्ध केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें कई तरह के खतरे एक साथ सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा, "आज हम जिन सिक्योरिटी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे काफी बदल गई हैं। लेकिन, आज जंग कई तरह की होती है—हाइब्रिड वॉरफेयर, साइबर अटैक, ड्रोन का इस्तेमाल, घुसपैठ और इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर—ये सब एक साथ हो रहे हैं।"

दिवाली समारोह में सैनिकों के साथ शामिल हुए रक्षा मंत्री

राजनाथ सिंह ने सुकना मिलिट्री स्टेशन में सैनिकों के साथ बातचीत के दौरान अपने विचार रखे। वह दिवाली समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित बड़ा खाना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सैनिकों के साथ समय बिताया और क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति तथा बदलती सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की। (Source: ANI)

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