विश्व पर्यटन दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के पर्यटन क्षेत्र में कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और विरासत संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का पर्यटन क्षेत्र नई गति प्राप्त कर रहा है, जिसमें कनेक्टिविटी, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और विरासत संरक्षण पर अधिक जोर दिया जा रहा है, साथ ही देश की विविध पर्यटन क्षमता को विश्व के सामने प्रदर्शित किया जा रहा है। X पर एक पोस्ट में सिंह ने कहा, "विश्व पर्यटन दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं। प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक स्मारकों से लेकर हमारे प्राकृतिक अजूबों और सांस्कृतिक परंपराओं तक भारत अपनी सभ्यतागत विरासत के माध्यम से विश्व को एक अद्वितीय यात्रा प्रदान करता है।
पर्यटन क्षेत्र में तकनीक और AI की भूमिका पर जोर
उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री @narendramodi के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का पर्यटन क्षेत्र नई गति प्राप्त कर रहा है, जिसमें कनेक्टिविटी, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे, विरासत संरक्षण और भारत की विविध पर्यटन क्षमता को विश्व के सामने प्रदर्शित करने पर अधिक जोर दिया जा रहा है। आशा है कि हमारे सामूहिक प्रयास भारत को एक स्वागत योग्य, जिम्मेदार और विश्व स्तर पर प्रशंसित पर्यटन स्थल बनाते रहेंगे। इस साल विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को "डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से पर्यटन का पुनर्निर्माण" विषय के तहत मनाया जा रहा है, जिसमें पर्यटन क्षेत्र के रूपांतरण के प्रयासों में प्रौद्योगिकी एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रही है।
पर्यटन से बढ़ा रोजगार और विदेशी मुद्रा
सरकार के अनुसार, 2023-24 में पर्यटन ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 5.22 प्रतिशत का योगदान दिया और 8.46 करोड़ रोजगारों का समर्थन किया। घरेलू पर्यटकों की संख्या 2021 में 67.7 करोड़ से बढ़कर 2025 में 428.55 करोड़ हो गई, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या इसी अवधि में 0.1 करोड़ से बढ़कर 2.53 करोड़ हो गई। पर्यटन से होने वाली विदेशी मुद्रा आय भी 2021 में 63,978 करोड़ रुपये की तुलना में 2025 में बढ़कर 2,76,831 करोड़ रुपये हो गई। सरकार ने यात्रा को अधिक व्यक्तिगत, सुलभ और सुगम बनाने में डिजिटल प्लेटफॉर्म और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला है।
ई-वीज़ा सुविधा 172 देशों तक पहुंची
भारत की ई-वीज़ा सुविधा, जो 2014 में 43 देशों के नागरिकों के लिए शुरू की गई थी, अब 172 देशों तक विस्तारित हो गई है और 88 अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों के माध्यम से प्रवेश की अनुमति है। लगभग 78 प्रतिशत वीज़ा अब इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जाते हैं, जबकि लगभग 95 प्रतिशत ई-वीज़ा आवेदनों को 72 घंटों के भीतर संसाधित किया जाता है। नए सिरे से तैयार किया गया 'इंक्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म' सांस्कृतिक, विरासत, साहसिक, खान-पान, स्वास्थ्य, कला और शिल्प और ग्रामीण आकर्षणों के क्षेत्र में वर्चुअल अनुभव प्रदान करता है, जिसमें एआई-संचालित सुविधाओं जैसे कि वास्तविक समय में मौसम की जानकारी और शहर की खोज शामिल हैं।
पर्यटन ढांचे के विस्तार पर जोर
पर्यटन मंत्रालय राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक भी लॉन्च करने जा रहा है, जबकि 'देखो अपना देश 2.0' पहल कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देगी। इस बीच सरकार 2026-27 से 2035-36 के लिए संशोधित उड़ान योजना के तहत पर्यटन अवसंरचना का विस्तार कर रही है, जिसके लिए 100 हवाई अड्डों और 200 आधुनिक हेलीपैड के विकास के लिए 28,840 करोड़ रुपये का स्वीकृत आवंटन किया गया है।
(इनपुट: ANI)
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