प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को रोकने का विरोध

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महाराष्ट्र विधानसभा के सामने विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन

कांग्रेस नेता नाना पाटोले ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और उनके साथियों को अयोध्या जाने से रोक दिया गया और उन्हें नजरबंद कर दिया गया।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद महाराष्ट्र विधानसभा के सामने विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन 

महाराष्ट्र विधान सभा के बाहर प्रदर्शन करते कांग्रेस विधायक |

मुंबई (महाराष्ट्र) । महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित गबन मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता नाना पाटोले ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और उनके साथियों को अयोध्या जाने से रोक दिया गया और उन्हें नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि सरकार सच्चाई को जनता तक पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है।

घबरा कर अजय राय को नजरबंद कर दिया

 पाटोले ने कहा, "एक दिखावटी विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। हमारे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनके साथियों को भाजपा के 'डाकुओं' द्वारा मचाई गई तबाही की सच्चाई देखने के लिए उचित अनुमति के साथ अयोध्या जाने की तैयारी थी, लेकिन सरकार घबरा गई और उन्हें नजरबंद कर दिया। वे नहीं चाहते कि सच्चाई जनता तक पहुंचे, लेकिन जनता पहले ही सच्चाई जान चुकी है।" इस बीच, फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर चंदे में कथित गबन मामले की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की।

सबसे पहले ट्रस्ट को निलंबित किया जाना चाहिए था

उन्होंने सुझाव दिया कि केवल एक विशेष जांच दल (SIT) पर्याप्त नहीं है। प्रसाद ने कहा, “इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार गठित टीम द्वारा की जानी चाहिए। सबसे पहले ट्रस्ट को निलंबित किया जाना चाहिए था, अधिकारियों को हटाया जाना चाहिए था और उसके बाद एसआईटी जांच शुरू की जानी चाहिए थी।” उन्होंने आगे कहा, “भाजपा राम मंदिर के मुद्दे पर सत्ता में आई थी और उनकी सरकार इसी मुद्दे पर काम करेगी।”

श्रद्धालुओं को हतोत्साहित कर रहे कांग्रेसीः भाजपा

हालांकि, भाजपा के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर हमला करते हुए उन पर श्रद्धालुओं को हतोत्साहित करने का आरोप लगाया और सार्वजनिक आस्था और भक्ति को कमजोर करने की “साजिश” का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा, “ये (विपक्षी) वे लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में भाग नहीं लिया। ये वे लोग हैं जो भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते थे। उनका आंदोलन से कोई संबंध नहीं था और उन्होंने भक्ति से प्रेरित कोई योगदान नहीं दिया।  (एएनआई)

इसे भी पढ़ेंः  महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का मामलाः बृज भूषण शरण सिंह ने कोर्ट में आरोपों

से किया इनकार

Related to this topic: