राम मंदिर के चंदे में कथित गबन की चल रही जांच के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी महंत दिनेन्द्र दास ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन पर पूरा भरोसा जताया।
अयोध्या: राम मंदिर के चंदे में कथित गबन की चल रही जांच के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी महंत दिनेन्द्र दास ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन पर पूरा भरोसा जताया। उनका यह बयान तब आया, जब अयोध्या पुलिस ने इस मामले के तीन मुख्य आरोपियों में से एक अनुकल्प मिश्रा से हिरासत में पूछताछ शुरू की।
'पुलिस चोरों को पकड़कर सजा दिलाएगी'
एएनआई से बातचीत में महंत दिनेन्द्र दास ने सुरक्षा व्यवस्था और चंदे के प्रबंधन को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि मंदिर का कामकाज पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा, "हमें रामलला पर पूरा भरोसा है और मुख्यमंत्री व प्रशासन पूरी तरह इस मामले से अवगत हैं। हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है। वे अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। वे हर हाल में चोरों को पकड़ेंगे और उन्हें सजा भी दिलाएंगे।"
तीनों आरोपियों से पुलिस कर रही पूछताछ
पुलिस लाइंस से सामने आई तस्वीरों में पुलिस अधिकारी अनुकल्प मिश्रा को ले जाते हुए दिखाई दिए। अदालत ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। जांच एजेंसी का कहना है कि वित्तीय अनियमितताओं की पूरी जानकारी जुटाने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
मुख्यमंत्री योगी का किया बचाव
मामले से जुड़े राजनीतिक विवाद पर महंत दिनेन्द्र दास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बचाव करते हुए विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "विपक्ष तो बोलेगा ही, लेकिन मुख्यमंत्री रामलला की सेवा करते हैं और उन्होंने हर संभव तरीके से सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की है। विपक्ष हमेशा नकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देता है और सकारात्मक पक्ष को नहीं देखता।"
विपक्षी नेताओं की यात्राओं पर भी साधा निशाना
ट्रस्टी ने आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के अजय राय सहित विपक्षी नेताओं की हालिया यात्राओं को राजनीतिक दिखावा बताया। उन्होंने कहा, "वे रामलला के अनुयायी नहीं हैं, वे सिर्फ राजनेता हैं। हमारे मुख्यमंत्री ही सच्चे मायने में रामलला का अनुसरण करते हैं। हमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है। वे एक बैरागी हैं और एक तपस्वी को कभी खरीदा नहीं जा सकता।"
एसआईटी की जांच जारी, राजनीतिक घमासान तेज
कथित गबन मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। एक ओर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्षी दल राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया है कि मंदिर के लिए आवंटित धन के दुरुपयोग का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
(एएनआई)
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