प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

UAE से रेप आरोपी भारत लाया गया, पुलिस की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने UAE से रेप के आरोपी को भारत लाया, इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद हुआ प्रत्यर्पण

दिल्ली पुलिस ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद रेप के आरोपी को UAE से प्रत्यर्पित कर 4 नवंबर को भारत वापस लाया।

 दिल्ली पुलिस ने uae से रेप के आरोपी को भारत लाया इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद हुआ प्रत्यर्पण

Delhi Police Brings Rape Accused Back from UAE |

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन (INTERPOL), सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI), गृह मंत्रालय (MHA) और विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से रेप के एक आरोपी को भारत वापस लाया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को अबू धाबी से प्रत्यर्पित कर 4 नवंबर, 2026 को भारत लाया गया, ताकि 20 साल की महिला से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले में उस पर मुकदमा चलाया जा सके। आरोपी की पहचान सजीर पल्ली मूप्पन उर्फ सजीर PM (38) के रूप में हुई है। वह केरल के कन्नूर का रहने वाला है और जोयालुक्कास में सीनियर मैनेजर के पद पर काम करता था।

बर्थडे पार्टी में महिला को नशीला पदार्थ देने का आरोप

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 1 अक्टूबर, 2025 की रात दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित एक लाउंज में कंपनी के कर्मचारियों की बर्थडे पार्टी के दौरान महिला को शराब और नशीले पदार्थ पिलाकर उसका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था। शिकायत के मुताबिक, कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करने वाले आरोपी ने महिला को शराब और नशीली चीजें पिलाईं और फिर उसे करोल बाग के एक होटल में ले गया, जहां 2 अक्टूबर, 2025 की सुबह उसकी मर्जी के खिलाफ उसका यौन उत्पीड़न किया। यह भी आरोप है कि होटल में चेक-इन करते समय आरोपी ने पीड़िता की पहचान छिपाने के लिए किसी तीसरे व्यक्ति का पहचान पत्र इस्तेमाल किया।

कंपनी में शिकायत के बाद आरोपी हुआ फरार

घटना के बाद महिला ने शुरुआत में कंपनी मैनेजमेंट को मामले की जानकारी दी। 4 अक्टूबर, 2025 को मैनेजमेंट ने आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया और यौन उत्पीड़न रोकथाम (POSH) फ्रेमवर्क के तहत अपनी आंतरिक समिति के जरिए कार्रवाई शुरू की। हालांकि, आरोपी ने आंतरिक जांच में हिस्सा नहीं लिया। संभावित कानूनी कार्रवाई की आशंका के बीच आरोपी 4 अक्टूबर, 2025 से कंपनी से गायब रहा और कथित तौर पर देश छोड़ने की योजना बनाने लगा। इसके बाद, 18 दिसंबर, 2025 को पीड़िता ने कंपनी अधिकारियों को ईमेल के जरिए एक और औपचारिक शिकायत दी। इस बीच, अपने यात्रा दस्तावेज तैयार करवाने के बाद आरोपी 5 जनवरी, 2026 को भारत से फरार हो गया और बाद में दुबई, UAE में एक प्लंबिंग एक्सेसरीज की दुकान पर काम करने लगा।

करोल बाग थाने में दर्ज हुई FIR

18 फरवरी, 2026 को पीड़िता ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर करोल बाग पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 237/26 दर्ज की गई। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 123, 319 और 3(5) लगाई गईं और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल चेकअप कराया गया और तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उसका बयान दर्ज किया गया। जांच टीम ने पंजाबी बाग के लाउंज और करोल बाग के होटल से जरूरी तकनीकी और दस्तावेजी सबूत जुटाए। घटनाओं का क्रम पता लगाने और आरोपों की जांच के लिए होटल के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी साक्ष्य भी जुटाए गए। शुरुआत में करोल बाग पुलिस स्टेशन की एक टीम ने आरोपी की तलाश में केरल का दौरा किया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पहले ही भारत छोड़ चुका था। आगे की तकनीकी जांच से पुष्टि हुई कि वह 5 जनवरी, 2026 को UAE गया था। आरोपी के देश छोड़कर फरार होने को देखते हुए, उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाशने में मदद के लिए 30 अप्रैल, 2026 को BHARATPOL के जरिए इंटरपोल को संदर्भ भेजा गया। आरोपी के प्रत्यर्पण के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करने और CBI समेत संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। लगातार प्रयासों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल के बाद आरोपी की लोकेशन UAE में पता चली। जरूरी प्रोक्लेमेशन ऑफ ऑफेंडर (PO) की कार्रवाई पूरी होने के बाद 7 जुलाई, 2026 को इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किया गया।

BHARATPOL के जरिए एजेंसियों के बीच हुआ समन्वय

जांच टीम ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और जरूरी कानूनी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए CBI, इंटरपोल, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा। टीम ने BHARATPOL डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया। इसे CBI ने भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इंटरपोल से जोड़ने के लिए विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग, सूचनाओं के सुरक्षित आदान-प्रदान और इंटरपोल नोटिस जारी करने सहित अंतरराष्ट्रीय सहायता के अनुरोधों को आसान बनाता है।

 9 अक्टूबर को UAE ने दी प्रत्यर्पण की मंजूरी

जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद UAE के अबू धाबी में संबंधित अधिकारियों ने 9 अक्टूबर, 2026 को प्रत्यर्पण अनुरोध को मंजूरी दे दी। इसके बाद इंस्पेक्टर कपिल खोखर, सब-इंस्पेक्टर काजल त्यागी और सब-इंस्पेक्टर संदीप वाली तीन सदस्यीय विशेष पुलिस टीम बनाई गई। यह टीम 31 अक्टूबर, 2026 को UAE के लिए रवाना हुई, ताकि वहां जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी को भारत वापस लाया जा सके। 4 नवंबर, 2026 को सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद UAE के अधिकारियों ने आरोपी को आधिकारिक तौर पर दिल्ली पुलिस टीम को सौंप दिया। इसके बाद आरोपी को प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। अब उसके खिलाफ भारतीय कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बताया अहम

दिल्ली पुलिस ने कहा कि टीम के लगातार प्रयासों, बारीकी से की गई निगरानी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल ने आरोपी के प्रत्यर्पण को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने आगे कहा कि लगातार जांच, BHARATPOL जैसे प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल और CBI, INTERPOL, MHA, MEA व अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ करीबी समन्वय के जरिए वह यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रखेगी कि आरोपी दुनिया में कहीं भी छिपे हों, उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सके।

(ANI)

ये भी पढ़ें: रीवा में पटाखा गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल, एक्सपायर अग्निशामक यंत्र और अवैध भंडारण

Related to this topic: