इंदौर। मध्य प्रदेश इंदौर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में 2.86 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय...
इंदौर। मध्य प्रदेश इंदौर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में 2.86 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय गबन का मामला सामने आया है। इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मामले में शामिल रहे तत्कालीन पांच अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
गलत खाते में किया स्थानांतरित
सरकारी खजाने से छात्रवृत्ति (Scholarship) और जीपीएफ (GPF) मद की भारी-भरकम राशि नियमों को ताक पर रखकर गलत बैंक खातों में ट्रांसफर की गई और फिर उसे निकाल लिया गया। जांच में पुष्टि हुई है कि साल 2018 से दिसंबर 2025 तक पदस्थ रहे पाँच अधिकारियों के मोबाइल पर आए OTP (One-Time Password) के जरिए ही ये अवैध लेन-देन किए गए। इससे स्पष्ट होता है कि गबन में उच्चाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।
चपरासी को दी गई लॉगिन आईडी
कार्यालय में भारी लापरवाही का आलम यह था कि एक चपरासी (भृत्य) को कंप्यूटर ऑपरेटर की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। इतना ही नहीं, उसे विभाग के संवेदनशील लॉगिन-पासवर्ड भी दे दिए गए थे, जिसका दुरुपयोग कर सरकारी राशि का गबन किया गया। पूर्व में इस पर कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया था।
भोपाल ट्रेजरी में पाई गई विसंगति
यह मामला तब उजागर हुआ जब भोपाल ट्रेजरी (कोष एवं लेखा विभाग) की जांच में रिकॉर्ड और खातों में विसंगतियां पाई गईं। वर्तमान में जिला प्रशासन और जिला पंचायत सीईओ ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों से वसूली और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि रिश्तेदारों और करीबियों के लगभग 150 से अधिक बैंक खातों में भेजी गई थी, जिन्हें अब फ्रीज (Freeze) करने की प्रक्रिया जारी है।
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