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उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव पर सियासी घमासान

एमएलसी चुनाव: सपा ने सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम पर आचार संहिता उल्लंघन का लगाया आरोप, हाउस अरेस्ट की मांग

सपा ने यूपी में 11 एमएलसी सीटों के चुनाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाउस अरेस्ट करने की मांग की है।

एमएलसी चुनाव सपा ने सीएम योगी और दोनों डिप्टी सीएम पर आचार संहिता उल्लंघन का लगाया आरोप हाउस अरेस्ट की मांग

Samajwadi Party State President Shyam Lal Pal (File Photo) |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हो रहे चुनावों के बीच सियासत गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों पर आदर्श आचार संहिता के खुले उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी आक्रामक मुद्रा में आ गई है। पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सत्तारूढ़ दल पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और चुनाव प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

दोनों उपमुख्यमंत्रियों को हाउस अरेस्ट करने की मांग

सपा ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि दोनों उपमुख्यमंत्री—केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक—क्रमशः इलाहाबाद-झांसी और लखनऊ निर्वाचन क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। वे जिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर भाजपा प्रत्याशियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का दबाव बना रहे हैं। सपा ने मांग की है कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों को उनके आवासों पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किया जाए और उनके चुनाव प्रचार पर तत्काल रोक लगाई जाए।

आचार संहिता उल्लंघन और ताबड़तोड़ घोषणाएं

पार्टी के अनुसार, 22 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे विधान परिषद चुनाव की घोषणा होने के बाद भी इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे गए। इसके बाद 12 अक्टूबर को गोरखपुर में 12 हजार शिक्षकों से संवाद किया गया और 13 अक्टूबर को 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने तथा चौकीदारों की भर्ती की घोषणा की गई।

सपा ने भारत निर्वाचन आयोग के 26 दिसंबर 2016 के स्पष्ट निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि आचार संहिता लागू होने के बाद शिक्षक या स्नातक मतदाताओं को प्रभावित करने वाली कोई घोषणा या कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकता। पार्टी ने मुख्यमंत्री के सभी चुनावी दौरों की वीडियोग्राफी कराने और फुटेज के आधार पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की मांग की है।

ईवीएम एफएलसी और मतदाता सूची पर आपत्ति

सपा ने यह भी आरोप लगाया कि जिलों में ईवीएम और वीवीपीएटी की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) चल रही है, लेकिन प्रयागराज समेत कई जिलों के जिलाधिकारियों ने इसमें लगे इंजीनियरों व कर्मियों के नाम और मोबाइल नंबर देने से इनकार कर दिया। पार्टी ने मांग की है कि इन कर्मचारियों की जानकारी सार्वजनिक की जाए और सभी मतदान केंद्रों पर वैध मतदाताओं की सूची चस्पा की जाए ताकि चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो सकें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल रहे।

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