बारिश के बाद देश के अलग-अलग राज्यों से जलभराव की तस्वीरें सामने आती हैं, लेकिन इससे भी ज्यादा हैरान कर देने वाला मामला मध्यप्रदेश से सामने आया है.
शाजापुर: बारिश की शुरुआत के साथ ही जनपद पंचायत मोहन बड़ोदिया अंतर्गत ग्राम पंचायत मुंडलाय की बदहाल सड़कें फिर चर्चा में हैं। कंकरखेड़ा हनुमान मंदिर क्षेत्र की कॉलोनी में रहने वाले छोटे-छोटे बच्चे रोज हाथों में चप्पल लेकर कीचड़ भरे रास्ते से लटपटाते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं।
कीचड़ में फंसी स्कूल बस
बारिश के कारण पूरा रास्ता दलदल में बदल गया है। कई बच्चे फिसलते हुए स्कूल पहुंचते हैं और उनकी यूनिफॉर्म, जूते, कॉपियां और किताबें तक खराब हो जाती हैं। हाल ही में स्कूल बस भी कीचड़ में फंस गई, जिसे ग्रामीणों ने धक्का लगाकर बाहर निकाला। अब बारिश के पूरे मौसम में बच्चों और ग्रामीणों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बारिश होते ही खुल जाती है सिस्टम की पोल
जिले की जनपद पंचायत मोहन बड़ोदिया अंतर्गत ग्राम पंचायत मुंडलाय में विकास के दावों की हकीकत बारिश के मौसम में साफ नजर आ रही है। प्रसिद्ध कंकरखेड़ा हनुमान मंदिर के पास स्थित कॉलोनी के 15 से 20 परिवार वर्षों से पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। हल्की बारिश होते ही पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है।
"मैडम, हमारी सड़क बनवा दो"
सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्होंने जिला कलेक्टर से भावुक अपील करते हुए कहा, "मैडम, हमारी सड़क बनवा दो।" ग्रामीणों के अनुसार कंकरखेड़ा हनुमान मंदिर से स्टेट हाईवे-41 तक जाने वाला मार्ग आज तक पक्का नहीं हो सका। इसी तरह मंदिर से धनाना-मुंडलाय मार्ग तक भी सड़क की स्थिति बेहद खराब है।
कीचड़ के कारण स्कूल जाना बना बड़ी चुनौती
बारिश के दिनों में यह रास्ता दलदल बन जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूल पहुंचना बच्चों के लिए रोज की परीक्षा है। कॉलोनी के बच्चों के लिए शिक्षा हासिल करना किसी संघर्ष से कम नहीं है। कीचड़ भरे रास्ते के कारण रोज स्कूल पहुंचना उनके लिए चुनौती बन गया है। स्कूल बस भी पूरी कॉलोनी तक नहीं पहुंच पाती। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और कीचड़ के कारण बस बीच रास्ते में फंस जाती है, जिसके बाद बच्चों को पैदल ही आगे का सफर तय करना पड़ता है।
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