सुल्तानपुर में झटका मशीनों से हो रहे हादसों को लेकर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम को विशेष अभियान चलाकर अवैध मशीनों की पहचान और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश)। खेतों और अन्य स्थानों पर लगाई जा रही झटका मशीनों से लगातार हो रहे हादसों और मौतों को जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने गंभीरता से लिया है। मानव जीवन की सुरक्षा को लेकर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध एवं खतरनाक तरीके से लगाई गई झटका मशीनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अवैध मशीन लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति अथवा अवैध तरीके से विद्युत करंट प्रवाहित करने वाली झटका मशीन लगाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसी मशीनों से खेतों की सुरक्षा के नाम पर राहगीरों, ग्रामीणों और पशुओं की जान खतरे में पड़ रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान ऐसे स्थानों को चिन्हित कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लापरवाही पर बिजली अधिकारियों को चेतावनी
डीएम ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं अवैध रूप से करंट प्रवाहित झटका मशीन संचालित मिली और संबंधित अधिकारियों की ओर से लापरवाही बरती गई तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तीन विभाग मिलकर चलाएंगे अभियान
जिलाधिकारी ने कहा कि खेतों और निजी परिसरों की सुरक्षा के लिए ऐसे किसी भी इंतजाम की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिससे आम लोगों का जीवन खतरे में पड़े। उन्होंने राजस्व, पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर अभियान चलाने पर जोर दिया।
हादसों पर रोक लगाने की तैयारी
डीएम के सख्त निर्देशों के बाद संबंधित विभागों में कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन का उद्देश्य झटका मशीनों से होने वाले हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए जिले में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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