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सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस को मोथाबाड़ी...

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस को मोथाबाड़ी की घटना की जांच कार्य से हटाया

कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के एसआईआर के तहत विचाराधीन वोटरों और मालदा जिले के मोथाबाड़ी घटना की...

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस को मोथाबाड़ी की घटना की जांच कार्य से हटाया

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस को मोथाबाड़ी की घटना की जांच कार्य से हटाया |

कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के एसआईआर के तहत विचाराधीन वोटरों और मालदा जिले के मोथाबाड़ी घटना की सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य प्रशासन व्यर्थ होने पर क्या करना है, वह जानता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपीलेट ट्रिब्यूनल को कार्य करने के लिए परिस्थि तैयार करने और अपीलेट ट्रब्यूनल के सेवानिवृत्त जजों को दिशानिर्देश देने के लिए एक नई कमिटी गठन करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मोथाबाड़ी घटना संबंधित कोई भी जांच करने से राज्य पुलिस को साफ मना कर दिया और आदेश दिया कि एनआईए पूरे मामले की जांच और पहले से दर्ज एफआईआर को अपने ढंग से दर्ज करेंगा। 

सुप्रीम कोर्ट को चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी और कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से भेजी गई चिट्ठी के मुताबिक दोपहर तक 60 लाख छह हजार विचाराधीन वोटरों में से 59 लाख 15 हजार विचाराधीन वोटरों के कागजातों की जांच न्यायिक अधिकारियों (सेवानिवृत्त जजों) द्वारा कर ली गई है। बाकी विचाराधीन वोटरों के कागजातों को जांच आज ही पूरी कर ली जाएगी। अपीलेट ट्रिव्यूनल के 19 सेवानिवृत्त जजों को 15 दिन में 26 लाख उन विचाराधीन वोटरों के मामले का निपटारा करना है जिनके नाम सप्लीमेंटरी लिस्ट से काटे गए है। ट्रिब्यूनल को दिशानिर्देश देने बावत सुप्रीम कोर्ट ने एक-दो दिन में सेवानिवृत्त जजों की एक नई कमिटी का घठन करने का आदेश दिया। 

मोथाबाड़ी की घटना के बारे में एनआईए ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की। एक अप्रैल को घटना होने के बादज सुप्रीम कोर्ट ने घटना के मद्देनजर कड़ा रूख अपनाया था और चुनाव आयोग को घटना की जांच एनआईए से कराने और एनआईए को अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को देने का आदेश दिया था। उसके आदेश के मुताबिक एनआईए ने तीन दिन 432 व्यक्तियों से पूछताछ कर अपनी रिपोर्ट दी। उसने मोथाबाड़ी में बीडीओ आफिस, थाना, जिला पुलिस के तमाम अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय लोगों, घटना के दिन कार्यरत 9 न्यायिक अधिकारियों से बातचीत और सीसीटीवी के फूटेज के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। सुप्रमी कोर्ट ने रिपोर्ट के साथ एक महिला न्यायिक अधिकारी का मोबाइल में रिकार्ड की गई आवाज को सुना। सुप्रीम कोर्ट ने इसे आर्तनाद कहा। 

सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए को आदेश दिया कि वह घटना संबंधी कुल दर्ज 12 एफआईआर को वह देखेगा और उसे अपने ढंग से फिर से दर्ज करेगा। घटना की जांच कर रही राज्य पुलिस अब जांच नहीं करेगी। घटना के जुड़े 24 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। एनआईए अब पूरे मामले को देखेंगी ओर जांच करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से पूछा कि जब घटना की जानकारी प्राप्त होने के बाद भी कार्रवाई में देर क्यों हुई तो उन्होंने माफी मांगी।

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