भोपाल। मप्र की राजधानी के शाहजहांनाबाद इलाके में साल 2024 में हुई 5 साल की मासूम की रेप और हत्या के ...
भोपाल। मप्र की राजधानी के शाहजहांनाबाद इलाके में साल 2024 में हुई 5 साल की मासूम की रेप और हत्या के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अतुल निहाले को दी गई फांसी की सजा के अमल पर स्टे दे दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने अतुल निहाले की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट अब इस मामले में दोषसिद्धि (Conviction) और सजा (Sentence) दोनों पहलुओं पर फिर से विचार करेगा।
हाईकोर्ट ने बरकरार रखी थी सजा
इससे पहले, जनवरी 2026 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर) ने इस मामले को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (Rarest of Rare) श्रेणी का मानते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को बरकरार रखा था।
यह है मामला
सितंबर 2024 में भोपाल के शाहजहांनाबाद में 5 साल की एक बच्ची लापता हो गई थी। दो दिन बाद, पुलिस को पड़ोस में रहने वाले अतुल निहाले के घर में पानी की टंकी से बच्ची का शव मिला था। जांच में सामने आया कि मासूम के साथ बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।
आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले के रिकॉर्ड तलब किए हैं। जब तक सुप्रीम कोर्ट इस अपील पर अपना अंतिम फैसला नहीं सुना देता, तब तक दोषी को फांसी नहीं दी जा सकेगी।
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