अखिलेश यादव ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए उनकी रिहाई की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए और 2027 के यूपी चुनाव का जिक्र किया।
‘They Learned from Hitler’: Akhilesh Yadav Slams Centre Over Delhi Police Action |
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार की निंदा की। उन्होंने अधिकारियों पर असहमति की आवाज दबाने और महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यह तरीका ‘हिटलर से सीखा है’। यादव ने दिल्ली में सुरक्षा बलों की कार्रवाई की तुलना एडॉल्फ हिटलर के शासन के तरीकों से की। पत्रकारों से बातचीत में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों को तत्काल रिहा करने की मांग की।
हिटलर से सीखा है, अखिलेश यादव का आरोप
अखिलेश यादव ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के साथ कथित व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए कहा, “इन लोगों ने हिटलर से सीखा है, और हमारी बेटियों के साथ बुरा बर्ताव करने वाले लोग यूपी के हैं; सुनने में आ रहा है कि वे गाजियाबाद के हैं। हिटलर के सैनिक भी ऐसा ही करते थे—वे दूसरे राजनीतिक कार्यकर्ताओं को इसी तरह पीटते थे।”
उन्होंने अधिकारियों पर महिलाओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। यादव की यह टिप्पणी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर आई है।
हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई की मांग
SP प्रमुख ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों को तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में काम कर रहा है।
यादव ने कहा, “सरकार द्वारा गिरफ्तार किए गए छात्रों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। कौन नहीं जानता कि चुनाव आयोग चोर है? कौन नहीं जानता कि चुनाव आयोग BJP के लिए काम करता है! BJP को तो बस चुनाव आयोग के अंदर ही अपना दफ्तर खोल लेना चाहिए।”
वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से कथित तौर पर गलत तरीके से नाम हटाए जाने के मामलों को लेकर भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि फर्जी तरीके से फॉर्म-7 के इस्तेमाल के आरोपों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है और इसके लिए जवाबदेही क्यों तय नहीं हुई।
उन्होंने कहा, “क्या यूपी में फर्जी 'फॉर्म 7' को लेकर कोई कार्रवाई की गई? चुनाव आयोग का मुख्य काम योग्य वोटरों को जोड़ना है, लेकिन यहाँ चुनाव आयोग वोट हटा रहा है।” यादव ने आरोप लगाया कि आयोग ने अपनी नैतिक विश्वसनीयता खो दी है और उसे स्वयं पद छोड़ देना चाहिए।
चुनाव आयुक्त को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए
चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग करते हुए अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की बात कही। उन्होंने उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि जनता सत्ताधारी BJP को रोकेगी।
SP प्रमुख ने कहा, “चुनाव आयुक्त को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। 2027 (उत्तर प्रदेश विधानसभा) चुनावों में जनता खुद BJP को रोकेगी।” उनका यह बयान चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच आया है।
CJP के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में बढ़ाई गई थी सुरक्षा
दिल्ली में शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किए जाने की भी जानकारी सामने आई।
रिपोर्ट के अनुसार, CJP के अभिजीत दिपके, आशुतोष रंका और सौरव दास को एक विमान से हिरासत में लिया गया। गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेड लगाए गए और 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे गए। इन कदमों को लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के आरोप लगे, जबकि BJP की ओर से भी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई।
दिल्ली में करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लेने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, CPI(M) नेता पिनाराई विजयन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी जैसे विपक्षी नेताओं के नाम भी शामिल बताए गए।
दिल्ली में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस की भूमिका, प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। अखिलेश यादव ने भी इस मामले में छात्रों की रिहाई, चुनाव आयोग की जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है। (Source: ANI)
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