कोतवाल डैम में मछली पकड़ने पहुंचे ग्वालियर के तीन युवक हादसे का शिकार हो गए। जाल बिछाने के दौरान तीनों गहरे पानी में चले गए, जिसमें ओवेश तैरकर बाहर निकल आया।
मुरैना: कोतवाल डैम में मछली पकड़ने पहुंचे ग्वालियर के तीन युवकों के लिए बुधवार की दोपहर हादसे में बदल गई। जाल बिछाने के दौरान तीनों युवक गहरे पानी में चले गए। एक युवक किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन उसके दो साथी पानी में डूब गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और एसडीईआरएफ की टीम ने कई घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन देर रात तक दोनों युवकों का पता नहीं चल सका।
मछली पकड़ने के लिए बिछा रहे थे जाल
हादसा उस समय हुआ, जब कोतवाल डैम में पानी का स्तर काफी बढ़ा हुआ था और बुधवार को डैम के दो गेट भी खोले गए थे। प्रशासन की ओर से आसपास के लोगों को तेज बहाव और जलभराव वाले क्षेत्र से दूर रहने की मुनादी भी कराई गई थी। जानकारी के अनुसार ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के कुंवरपुर निवासी 25 वर्षीय इरशाद पुत्र सलामत खान, 30 वर्षीय अशोक पुत्र बप्पा खान और उराहना गांव निवासी ओवेश पुत्र नवाब खान दोपहर करीब एक बजे कोतवाल डैम पहुंचे थे। तीनों हुराई भूमिया मंदिर की ओर डैम के पिछले हिस्से में मछली पकड़ने के लिए जाल बिछा रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने अथवा गहरे पानी में जाने से तीनों डूबने लगे।
गहरे पानी में चले गए इरशाद और अशोक
ओवेश तैरकर किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन इरशाद और अशोक गहरे पानी में चले गए। ओवेश ने दोनों को बचाने की कोशिश की, मगर सफलता नहीं मिली। करीब ढाई बजे दोनों के डूबने के बाद ओवेश ने करीब चार बजे माता बसैया थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की।
डैम में उतरकर तलाश शुरू करेगी एसडीईआरएफ की टीम
बाद में एसडीईआरएफ टीम को भी बुलाया गया। रात करीब आठ बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलने के बावजूद दोनों युवकों का कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम दोबारा डैम में उतरकर तलाश शुरू करेगी। सवाल यह भी है कि डैम में गेट खोले जाने और तेज बहाव के बीच मछली पकड़ने पहुंचे युवकों को खतरनाक क्षेत्र से दूर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
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