सागर जिले की वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के लिए सुखद खबर है। यहां बाधिन एनएच ने 4 शावकों को जन्म दिया है। इससे नए टाइगर रिजर्व में बाधों का कुनबा बड़ा हो गया है।
सागर (मध्य प्रदेश)। सागर जिले की वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के लिए सुखद खबर है। यहां बाधिन एनएच ने 4 शावकों को जन्म दिया है। इससे नए टाइगर रिजर्व में बाधों का कुनबा बड़ा हो गया है।
मालूम हो कि सोमवार को टाइगर रिजर्व की गश्ती टीम (Patrol Team) ने एक गुफा के पास बाघिन N6 को उसके चार नन्हें शावकों के साथ देखा। वन विभाग की टीम ने इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर लिया है। वीडियो में बाघिन अपने शावकों की देखभाल करती हुई नजर आ रही है।
पेंच से लाई गई थी बाघिन N6
बाघिन N6 का इतिहास काफी रोचक है। इसे करीब एक साल पहले मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू करके यहाँ (वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व) लाया गया था। इस सफल प्रजनन से यह सिद्ध हो गया है कि बाघिन ने यहाँ के नए वातावरण को पूरी तरह अपना लिया है।
टाइगर रिजर्व के लिए बड़ी उपलब्धि
नए शावकों के आने से अब रिजर्व में बाघों की कुल संख्या 30 के पार पहुँच गई है। वन विभाग ने बाघिन और उसके शावकों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ा दी है। शावकों की उम्र अभी काफी कम है, इसलिए गश्ती दल उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहा है। इस खबर के बाद से वन विभाग के अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह की लहर है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (जिसे पहले नौरादेही और रानी दुर्गावती अभयारण्य के नाम से जाना जाता था। अब मध्य प्रदेश के प्रमुख बाघ आवासों में से एक बन गया है।
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