वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि आदिवासी छात्रों को मुंबई के कांग्रेस कार्यालय से हिरासत में लिया गया और सरकार से उनकी मांगों पर बातचीत की अपील की। पढ़ें पूरी खबर।
मुंबई (महाराष्ट्र)। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि आदिवासी आवासीय स्कूलों की सुविधाओं को लेकर मुंबई आए कुछ छात्रों को कांग्रेस के तिलक भवन कार्यालय से पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए छात्रों की मांगों पर बातचीत करने की अपील की। गायकवाड़ ने कहा कि छात्र आश्रम स्कूलों और हॉस्टलों में बुनियादी सुविधाओं, छात्रवृत्ति और आदिवासी विकास विभाग से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सोमवार को आदिवासी छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर महाराष्ट्र सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी आवासीय स्कूलों में सुविधाओं को लेकर अपनी मांगें रखने मुंबई आए कुछ छात्रों को कांग्रेस के कार्यालय से हिरासत में लिया गया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गायकवाड़ ने उन परिस्थितियों पर सवाल उठाए जिनमें पुलिस कांग्रेस कार्यालय में दाखिल हुई और विरोध कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया।
गायकवाड़ ने कहा, “महाराष्ट्र में किसका राज चल रहा है? क्या यह जंगल राज है? छात्र सरकार से सवाल पूछने आए हैं। क्या पुलिस वारंट लेकर आई थी? क्या लोग सुबह-सुबह पार्टी दफ्तरों में आते हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई कांग्रेस कार्यालय से कई छात्रों को उठाया गया। ये छात्र अपनी मांगें रखने के लिए नासिक से मुंबई आए थे और वहां ठहरे हुए थे।
उन्होंने कहा, “उन्होंने मुंबई कांग्रेस कार्यालय से छात्रों को उठाया। ये महाराष्ट्र के छात्र हैं। वे इजाज़त क्यों नहीं दे रहे हैं? ये हमारे छात्र हैं।” गायकवाड़ ने कहा कि छात्र आदिवासी आश्रम स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और सुधारों की मांग कर रहे थे। उन्होंने सरकार की ओर से उनकी मांगों पर दिए जा रहे जवाब पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “ये छात्र आश्रम स्कूल में सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।” उन्होंने मुंबई में वरिष्ठ नेताओं और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के नेतृत्व की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाया।
आदिवासी छात्रों की मांगों को लेकर प्रदर्शन
आदिवासी छात्र आश्रम स्कूलों और हॉस्टलों में बुनियादी सुविधाओं, छात्रवृत्ति से जुड़ी चिंताओं और आदिवासी विकास विभाग से संबंधित अन्य शिकायतों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के एक समूह ने नासिक में लंबे समय तक आंदोलन करने के बाद मुंबई की ओर मार्च किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आजाद मैदान में प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। महाराष्ट्र कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुंबई में रहने की जगह नहीं होने के कारण छात्रों को दादर स्थित पार्टी के तिलक भवन कार्यालय में ठहरने की अनुमति दी गई थी। पार्टी के मुताबिक, सोमवार तड़के पुलिस ने इनमें से कुछ छात्रों को हिरासत में लिया।
गायकवाड़ ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की चिंताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनसे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “MPSC के छात्र पुणे में बैठे हैं। आप इन बच्चों को परेशान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी, यह सही नहीं है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुंबई में विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहें हैं, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि अगर छात्रों से लंबे समय तक आजाद मैदान में रहने की उम्मीद की जाती है तो वे कहां रहेंगे और अन्य बुनियादी जरूरतें कैसे पूरी करेंगे। उन्होंने कहा, “आजाद मैदान को दिन-रात खुला रखें, वे कहां सोएंगे, शौचालय के लिए कहां जाएंगे? आप लड़कियों को पकड़ लेंगे। यह किसका राज्य है?”
MPSC छात्रों का मुद्दा भी उठाया
गायकवाड़ ने कहा कि छात्र भोजन और शिक्षा से जुड़ी बुनियादी मांगें उठा रहे हैं। उन्होंने मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी MPSC समेत संबंधित विभागों से ऐसी चिंताओं पर ध्यान देने को कहा था। उन्होंने कहा, “जब मैं मंत्री थी, तो मैं दो विभाग—MPSC और एक अन्य विभाग—मांगा करती थी। MPSC की विश्वसनीयता खत्म हो गई है।”
गायकवाड़ ने आदिवासी छात्रों के आंदोलन और MPSC छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, दोनों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा और भर्ती से जुड़ी चिंताएं उठाने वाले छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, “छात्रों के तौर पर हम दोनों विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हैं। पुलिस उनकी आवाज दबाने के लिए तैयार खड़ी है। महाराष्ट्र से यह संदेश जाना चाहिए कि महाराष्ट्र के छात्र रुकेंगे नहीं, डरेंगे नहीं।”
कांग्रेस ने भी आरोप लगाया है कि पुलिस जबरन उसके मुंबई कार्यालय में घुसी और वहां ठहरे आदिवासी छात्रों को हिरासत में लिया। पार्टी ने कहा कि छात्र आदिवासी आवासीय स्कूलों और हॉस्टलों में बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन करने के बाद नासिक से मुंबई आए थे।
पुलिस पर छात्रों को डराने-धमकाने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, “नासिक से पैदल मार्च करके मुंबई पहुंचे आदिवासी छात्र तिलक भवन में ठहरे हुए थे, लेकिन आधी रात से ही पुलिस बल का इस्तेमाल करके जबरन कार्यालय में घुस रही है। वे छात्रों के साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं, उन्हें डरा-धमका रहे हैं और हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस को हमारे कार्यालय में गैर-कानूनी तरीके से घुसना, आदिवासी छात्रों को डराना-धमकाना और उन्हें जबरन हिरासत में लेने की कोशिशें तुरंत बंद करनी चाहिए।”
यह टकराव महाराष्ट्र में शिक्षा, भर्ती और सरकारी संस्थानों की स्थितियों को लेकर जारी छात्र प्रदर्शनों के बीच हुआ है। आदिवासी छात्रों के आंदोलन से राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ा है। इससे पहले, आदिवासी प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक के बाद मिले आश्वासनों को स्वीकार कर लिया था, जबकि दूसरे गुट ने इन आश्वासनों को नाकाफी बताते हुए मुंबई की ओर अपना मार्च जारी रखा।
(इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: मुंबई में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन पर बड़ा एक्शन, आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों पर FIR