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प्रदूषण पर सख्ती

सिंगरौली में त्रिमुला इंडस्ट्रीज का स्पंज आयरन प्लांट बंद, प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

सिंगरौली में पर्यावरण नियमों की अनदेखी पर त्रिमुला इंडस्ट्रीज के स्पंज आयरन प्लांट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।

सिंगरौली में त्रिमुला इंडस्ट्रीज का स्पंज आयरन प्लांट बंद प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

Trimula Industries Sponge Iron Plant Shut Down in Singrauli Over Environmental Violations |

सिंगरौली,(मध्य प्रदेश)। जिले के गोंदवाली में स्थित त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड के स्पंज आयरन प्लांट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण नियमों की लगातार अनदेखी करने पर यह कड़ी कार्रवाई की है। इसके साथ ही बिजली कंपनी को प्लांट की बिजली आपूर्ति तुरंत काटने के आदेश दिए गए हैं।

कलेक्टर की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई सिंगरौली कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी गौरव बैनल की अनुशंसा और उनकी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इससे पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 15 जून 2026 को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर सुधार करने के निर्देश दिए थे। कंपनी ने सुधार का दावा किया था, लेकिन 9 जुलाई को हुई दोबारा जांच में यह दावा झूठा पाया गया।

निरीक्षण के दौरान प्लांट में मिली कई गंभीर कमियां

निरीक्षण के दौरान प्लांट में कई गंभीर कमियां सामने आईं। प्रदूषण रोकने वाले उपकरण बंद पड़े थे, जिससे चिमनी से तय सीमा से अधिक धूल और धुआं निकल रहा था। प्लांट परिसर में PM-10 और PM-2.5 का स्तर मानकों से काफी ज्यादा मिला। इसके अलावा हवा की गुणवत्ता नापने वाली मशीनें भी खराब थीं और आयरन डस्ट खुले में पड़ी होने के कारण बारिश में बह रही थी।

नियमों की धज्जियां उड़ाकर हो रहा था काम

जांच टीम को प्लांट में कोई पर्यावरण विशेषज्ञ मौजूद नहीं मिला। कई कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण (PPE किट) के जान जोखिम में डालकर काम कर रहे थे। यही नहीं, प्लांट से निकलने वाले ठोस और खतरनाक कचरे का निपटान भी नियमों के ताक पर रखकर किया जा रहा था।

कलेक्टर बोले- स्वास्थ्य और पर्यावरण से समझौता नहीं

मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर गौरव बैनल ने कहा कि जिले में पर्यावरण और आम जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी उद्योग या प्लांट नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त तालाबंदी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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