प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

महासमुंद में डिवाइडर से टकराया ट्रक

महासमुंद में हादसों का ‘ब्लैक स्पॉट’ बना ओमकार बांध मोड़, डिवाइडर से टकराया ट्रक; प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

महासमुन्द खरियाररोड हाईवे पर खल्लारी के पास स्थित ओमकार बांध का मोड़ हादसों का 'ब्लैक स्पॉट' बनता जा रहा है।

महासमुंद में हादसों का ‘ब्लैक स्पॉट’ बना ओमकार बांध मोड़ डिवाइडर से टकराया ट्रक प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

Truck Crashes Into Divider in Mahasamund |

महासमुंद {छत्तीसगढ़}। महासमुन्द खरियाररोड हाईवे पर खल्लारी के पास स्थित ओमकार बांध का मोड़ हादसों का 'ब्लैक स्पॉट' बनता जा रहा है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात यहां एक बड़ा हादसा सामने आया, जब माल से लदा एक ट्रक सड़क के बीचों-बीच बने डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और चालक-परिचालक बाल-बाल बच गए।

प्रशासन का रवैया बेहद लापरवाह

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। जिस जगह से डिवाइडर की शुरुआत होती है, वहां अब तक दर्जनभर से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। बार-बार गाड़ियों की सीधी टक्कर लगने के कारण डिवाइडर का शुरुआती हिस्सा (मीडियन नोज) टूट-टूटकर लगभग 15 से 20 फीट पीछे खिसक चुका है। हादसों के बाद प्रशासन का रवैया भी बेहद लापरवाह रहता है, अधिकारी टूटे हुए सीमेंट-कंक्रीट के टुकड़ों को हटाकर सड़क किनारे रख देते हैं और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

हादसों के पीछे तीन मुख्य कारण

इस खतरनाक मोड़ पर बार-बार हो रही दुर्घटनाओं के पीछे तीन मुख्य कारण सामने आ रहे हैं। साइन बोर्ड और मार्किंग का न होना: जहां से डिवाइडर शुरू होता है, उससे काफी पहले चालकों को सतर्क करने के लिए न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और ना ही सड़क पर रिफ्लेक्टिव मार्किंग की गई है।

अंधेरे में छिपता डिवाइडर

अंधेरे में छिपता डिवाइडर: पूरे पैच पर स्ट्रीट लाइट या प्रॉपर लाइटिंग का कोई इंतजाम नहीं है। रात के सन्नाटे में दूर से आ रहे वाहन चालकों को सड़क के बीच में अचानक खड़ा डिवाइडर नजर ही नहीं आता।

कैट्स आई और ब्लिंकर भी गायब

मीडियन नोज पर कैट्स आई और ब्लिंकर गायब: डिवाइडर के शुरुआती पॉइंट पर चमकदार रिफ्लेक्टर (कैट्स आई) या ब्लिंकर लाइट होना बेहद जरूरी है, जो यहां पूरी तरह नदारद हैं। रात के समय तेज रफ्तार गाड़ियों के चालकों को जब तक आगे डिवाइडर होने का अहसास होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। अगर लोक निर्माण विभाग (PWD) और यातायात पुलिस ने जल्द ही यहां सुरक्षा उपाय, साइन बोर्ड और बेहतर लाइटिंग के इंतजाम नहीं किए, तो कभी भी कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है।

यह भी पढ़: रायबरेली में करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

Related to this topic: