प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

UP ट्रेड शो में साचीज का आयुष्मान पवेलियन

यूपी में बने 6 करोड़ आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में 2.13 करोड़ परिवार

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में साचीज के पवेलियन में दिखी स्वास्थ्य सुरक्षा की झलक। अब तक बने 6 करोड़ आयुष्मान कार्ड, गंभीर बीमारियों का हो रहा मुफ्त इलाज। पढ़ें पूरी खबर।

यूपी में बने 6 करोड़ आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में 213 करोड़ परिवार

SACHIS Pavilion at UP International Trade Show |

ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 के हाल नं. 8 में साचीज के "नई दिशा, नया संकल्प-आयुष्मान पीएमजेएवाई : बिल्डिंग हेल्थकेयर एक्सिलेंस इन उत्तर प्रदेश" थीम पर आधारित पवेलियन में प्रदेश की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था के बढ़ते दायरे को प्रदर्शित किया गया, जहां लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने के साथ योजना से संबंधित जानकारी ले रहे थे। इसके साथ ही साचीज की ओर से एक विशेष सेशन में योजना की अब तक की उपलब्धियों को साझा किया गया।

आठ गंभीर बीमारियों का किया जा रहा इलाज

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने सेशन में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्हाेंने बताया कि जर्नी ऑफ क्वालिटी के माध्यम से जुड़े अस्पतालों को एनएबीएच मानकों और बेहतर गुणवत्ता व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सहयोग और मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इससे अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, मानकीकृत प्रक्रियाओं और बेहतर उपचार परिणामों में सुधार हुआ है। योजना में आठ गंभीर बीमारियों के इलाज को जोड़ा गया है। 

इसमें अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण, न्यूरो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, बर्न मैनेजमेंट, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी और यूरोलॉजी शामिल हैं। उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे और सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने निजी अस्पतालों और बड़े कॉरपोरेट अस्पताल समूहों से प्रदेश के उन जिलों में अपनी सेवाओं का विस्तार करने का आग्रह किया, जहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अभी सीमित है।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू होगा नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज

साचीज के पवेलियन में नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (एनएचसीएक्स) को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें बताया गया कि इसे योजना से जुड़े दो सरकारी और दो निजी अस्पतालों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया जा रहा है। फिलहाल अस्पतालों के चयन को लेकर विचार विर्मश किया जा रहा है। इसका लक्ष्य स्वास्थ्य संबंधी क्लेम की जानकारी के आदान-प्रदान को अधिक व्यवस्थित और इंटरऑपरेबल बनाने तथा क्लेम के निस्तारण की प्रक्रिया को आसान करने का है। 

इसके साथ ही ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) के माध्यम से एआई आधारित क्लेम जांच की व्यवस्था भी प्रदर्शित की गई। पवेलियन में प्रदेश के डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को भी प्रदर्शित किया गया है। इसमें लाभार्थी डेटाबेस मैनेजमेंट पोर्टल, आयुष्मान सारथी ऐप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडबैक और शिकायत निवारण व्यवस्था तथा डिजिटल क्लेम इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इन तकनीकों के जरिए लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच देने और सेवा वितरण को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

9 सितंबर तक बनाए गए 6 करोड़ आयुष्मान कार्ड

साचीज की सीईओ ने बताया कि 9 सितंबर तक प्रदेश में छह करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं 2.13 करोड़ से अधिक परिवारों को आयुष्मान भारत और प्रदेश की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लाया गया है। 2 अगस्त तक प्रदेश में कुल 6,562 अस्पताल योजना से जुड़े। इनमें 2910 सरकारी और 3652 निजी अस्पताल शामिल हैं। 31 अगस्त तक योजना के तहत एक करोड़ से अधिक उपचार उपलब्ध कराए जा चुके हैं। 

वहीं साचीज द्वारा पवेलियन में जीएस युनिवर्सिटी, एरा युनिवर्सिटी, लखनऊ कैंसर इंस्टीट्यूट और यशोदा मेडिसिटी आदि संस्थानों के जरिये स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। इनमें सुपर स्पेशियलिटी इलाज, एआई आधारित मॉनिटरिंग, कनेक्टेड हेल्थकेयर, कैंसर स्क्रीनिंग, एडवांस्ड ऑन्कोलॉजी, रोबोटिक सर्जरी, डिजिटल हेल्थ और मेडिकल एजुकेशन से जुड़ी तकनीकों को शामिल किया गया।

यह भी पढ़ें: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में छाया मेरठ का कृषि कारोबार, पॉलीहाउस फसल और शहद ने खींचा ध्यान

Related to this topic: