दो वर्षों से कोई भी शैक्षणिक गतिविधि नहीं होने के कारण पांच स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई है।
रायबरेली, (उत्तर प्रदेश)। जिले के पांच निजी स्कूलों की यूपी बोर्ड की मान्यता स्वतः समाप्त हो गई है। पिछले दो वर्षों से इन स्कूलों में कोई भी शैक्षणिक गतिविधि नहीं कराई जा रही थी और न ही इनमें हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के लिए कोई पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) हो रहा था। इसी लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के कारण यूपी बोर्ड द्वारा इन पांचों निजी स्कूलों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
यूपी बोर्ड से मान्यता लेना पड़ा भाड़ी
माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के तहत यूपी बोर्ड से मान्यता लेने के बाद लगातार दो वर्ष तक कक्षाएं न चलाना और वर्ष 2025 व 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी परीक्षार्थी द्वारा प्रतिभाग न करना इन वित्तविहीन विद्यालयों को भारी पड़ गया।
इन स्कूलों की मान्यता हुई खत्म:
लिटिल फ्लावर इंटर कॉलेज, लालगंज; शिवांगी गर्ल्स हाई सेकेंडरी स्कूल, डीघा (छतोह); यदुकुल इंस्टीट्यूट, बारा; कंचन गर्ल्स इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस (शहर);
शान्तिराज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लालूमऊ (हरचंदपुर) इन पांच स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है।
अब तक कुल 465 विद्यालयों की मान्यता रद्द
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) संजीव कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश भर में अब तक कुल 465 विद्यालयों की मान्यता रद्द की गई है। इसकी आधिकारिक सूचना यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी की गई है। बोर्ड सचिव ने ऐसे अमान्य विद्यालयों की सूची जारी करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी विद्यार्थी या अभिभावक धोखे में न रहे और उन्हें अमान्य हो चुके स्कूलों की सटीक जानकारी मिल सके।
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