आराधना मिश्रा मोना ने BJP की लोकतंत्र बचाओ यात्रा और SIR पर सवाल उठाए। कांग्रेस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में SIR के बाद करीब 3.31 करोड़ मतदाता कम हुए हैं।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ यात्रा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश और प्रदेश में जो यात्राएं निकाल रही है, वे वास्तव में लोकतंत्र के खिलाफ हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर करोड़ों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं।
आराधना मिश्रा ने यात्रा को बताया मुख्यमंत्री के खिलाफ अभियान
आराधना मिश्रा ने कहा कि भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह तथा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नितिन नवीन गोरखपुर, जेपी नड्डा बरेली और शिवराज सिंह चौहान लखनऊ में अभियान का हिस्सा बने, जबकि अमित शाह हैदराबाद और करनाल में इस अभियान में शामिल हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की यह यात्रा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में और देश के लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमित शाह की उत्तर प्रदेश यात्रा और SIR के तहत वोट काटने की कार्रवाई मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के नेतृत्व में बदलाव की कोशिश से जुड़ी है। उनके अनुसार, SIR के पीछे नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं।
खड़गे, राहुल और प्रियंका के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई
आराधना मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी लोकतंत्र बचाने और कथित वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश इस लड़ाई में सफल होगा और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना की दिशा में आगे बढ़ेगा।
बाबा साहेब आंबेडकर के बयान का किया उल्लेख
प्रेसवार्ता में आराधना मिश्रा ने संविधान सभा में 16 जून 1949 को डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा कही गई बातों का भी उल्लेख किया। उन्होंने चुनाव आयुक्त के कार्यकाल और उसकी स्वतंत्रता से जुड़े आंबेडकर के कथन को याद दिलाते हुए कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में ऐसे प्रावधान जरूरी हैं, जो चुनाव आयुक्त को किसी मूर्ख, धूर्त या सरकार के दबाव में काम करने वाले व्यक्ति से बचा सकें।
सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने SIR के तहत मतदाता सूची से नाम कटने वालों को सरकारी राशन, सरकारी लाभ और सामाजिक योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की बात कही है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पूर्व बयान का भी जिक्र किया, जिसमें SIR के तहत नाम कटने वालों को सरकारी सेवाओं से अलग करने की बात कही गई थी।
उत्तर प्रदेश में 3.31 करोड़ मतदाता कम होने का कांग्रेस का दावा
आराधना मिश्रा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा बताई गई अनुमानित जनसंख्या और राज्य निर्वाचन आयोग की स्थानीय निकाय मतदाता सूचियों के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या 25.70 करोड़ है और इसका करीब 65 प्रतिशत मतदाता होना चाहिए। इस हिसाब से प्रदेश में 16,70,50,000 मतदाता होने चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य निर्वाचन आयोग की स्थानीय निकायों की मतदाता सूचियों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए।
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निकाय
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पुरुष मतदाता
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महिला मतदाता
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कुल मतदाता
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ग्राम पंचायतें (58,189)
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6,59,23,283
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5,84,65,852
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12,43,89,135
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नगर निगम (17)
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1,02,70,203
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88,17,531
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1,90,87,734
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नगर पालिका परिषदें (200)
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78,33,136
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70,25,895
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1,48,59,031
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नगर पंचायतें (545)
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49,26,062
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44,46,417
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93,72,479
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कुल
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8,89,52,684
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7,87,55,695
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16,77,08,379
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SIR के बाद 13.39 करोड़ मतदाता बचने का दावा
राधना मिश्रा ने इन आंकड़ों की तुलना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा SIR के बाद उत्तर प्रदेश में बताए गए 13,39,84,792 मतदाताओं से की। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के अनुमान के आधार पर प्रदेश में 16,70,50,000 मतदाता होने चाहिए, जबकि SIR के बाद 13,39,84,792 मतदाता रह गए हैं।
कांग्रेस की ओर से पेश किए गए इस हिसाब के अनुसार, दोनों आंकड़ों के बीच 3,30,65,208 मतदाताओं का अंतर है, जिसे पार्टी ने करीब 3.31 करोड़ बताया है।
मुख्यमंत्री के हवाले से मतदाता सूची पर उठाए गए सवाल
आराधना मिश्रा ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा कथित तौर पर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। इनमें प्रदेश में 16 करोड़ से अधिक मतदाता होने की संभावना, 1,27,00,000 मतदाताओं के नाम गायब होने और 66 लाख लोगों के पंचायत सूची में होने लेकिन विधानसभा सूची में शामिल नहीं होने का मुद्दा शामिल है।
उन्होंने यह भी बताया कि रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री ने करीब 55 लाख सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के मतदाता सूची में नहीं होने, 18 और 19 वर्ष के साढ़े चार लाख युवाओं के नाम नहीं जुड़ने और दूसरे राज्यों से बहू बनकर आई महिलाओं के नाम सूची में नहीं होने का मुद्दा उठाया था।
45 सीटों और शहरी निकायों की 28 सीटों का भी किया जिक्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि मुख्यमंत्री ने 45 विधानसभा सीटों पर बहुत कम अंतर होने और शहरी निकायों की 28 सीटों के कमजोर होने की बात भी कही थी। उन्होंने इन मुद्दों को मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी चिंताओं के रूप में प्रस्तुत किया।
अमित शाह की उत्तर प्रदेश यात्रा पर भी साधा निशाना
आराधना मिश्रा मोना ने दावा किया कि अमित शाह की उत्तर प्रदेश यात्रा INDIA गठबंधन की जीत की गारंटी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के नेतृत्व में बदलाव कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस SIR के माध्यम से कथित वोट चोरी नहीं होने देगी।
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