उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच सीट बंटवारे पर राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि अक्टूबर तक बातचीत पूरी करने की कोशिश होगी, पार्टी बराबर के सम्मान के साथ 403 सीटों पर तैयारी कर रही है।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की रणनीतिक कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने स्पष्ट किया है कि पार्टी अक्टूबर के भीतर सीट बंटवारे की बातचीत पूरी करने का प्रयास करेगी, ताकि उम्मीदवारों को चुनावी तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
नई दिल्ली में न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने राज्य में चुनावी रूपरेखा पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि गठबंधन में दोनों दल बराबर के साझीदार हैं, इसलिए सीटों के तालमेल में भी बराबरी और सम्मान दिखना आवश्यक है।
अक्टूबर तक सीट बंटवारा पूरा करने की तैयारी
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि "मैं अक्टूबर के भीतर सीट बंटवारे की बातचीत पूरी करने की पूरी कोशिश करूंगा ताकि जिन्हें टिकट मिले, उन्हें तैयारी का समय मिल सके। मुझे विश्वास है कि हमें सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलेगी क्योंकि हम बराबर के साझेदार हैं और बराबर का सम्मान व बराबर सीटें चाहते हैं। बाकी हम लचीले हैं, थोड़ा-बहुत ऊपर-नीचे होने पर कोई समस्या नहीं है।"

सभी 403 सीटों पर कांग्रेस संगठन की तैयारी जारी
गौतम ने आगे कहा कि गठबंधन पर अंतिम फैसला वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकर होगा, लेकिन कांग्रेस संगठन की तैयारी राज्य की सभी 403 सीटों पर दिन-रात चल रही है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले दोनों दलों के बीच यह संवाद गठबंधन को जमीन पर मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
उधर कैराना से समाजवादी पार्टी के विधायक नाहिद हसन ने दोनों दलों के रिश्तों को पूरी तरह पटरी पर बताया। उन्होंने कहा कि "सपा और कांग्रेस ने मिलकर एक रणनीति बनाई है... और वे एक-दूसरे के बारे में बातें कहते रहते हैं, उसी रणनीति के तहत हम भाजपा और आरएसएस को भ्रम में रखने का काम कर रहे हैं।"
जीत की संभावनाओं पर होगा सीटों का फैसला: सुरेंद्र राजपूत
सीटों के बंटवारे पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी पार्टी का रुख रखा। उन्होंने कहा कि "सीट बंटवारे का फैसला हमारे शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। और इंडिया गठबंधन में यह निर्णय एक साथ बैठक के बाद होगा। समस्या सीटों की नहीं है। जिन सीटों को हमने सम्मान से जीता है या जीतने जा रहे हैं, जहां जीत की संभावना है, उन पर सभी फॉर्मूले लागू होंगे और हमारा हाईकमान व समाजवादी पार्टी का हाईकमान इस पर उचित और समय पर निर्णय लेगा।"
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान: पुरानी पेंशन बहाल होगी, शिक्षकों और शिक्षामित्रों की समस्याएं होंगी दूर