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खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं की समीक्षा बैठक

उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा, 51 नए प्रस्तावों पर विचार; PMFME में 28,356 इकाइयों को ऋण

उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 के तहत 51 नए प्रस्तावों पर विचार हुआ। PMFME में 28,356 इकाइयों को ऋण और ₹1,040 करोड़ अनुदान वितरित किया गया।

उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा 51 नए प्रस्तावों पर विचार pmfme में 28356 इकाइयों को ऋण

Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की 22वीं बैठक में लिए गए निर्णयों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में हो रही निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों, कार्मिकों, उद्यमियों तथा लाभार्थियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की उपज का मूल्य संवर्धन करने तथा युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन एवं अध्यक्ष, राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति की अध्यक्षता में आज आयोजित बैठक में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत योजनाओं की प्रगति, नवीन निवेश प्रस्तावों, वित्तीय प्रोत्साहनों तथा उद्यमियों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में प्रस्तुत प्रगति के अनुसार 15 सितम्बर 2026 तक नीति के अंतर्गत कुल 1,975 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 580 प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा संबंधित परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) जारी किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 29 सितम्बर 2026 तक 291 नवीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष प्रथम एवं द्वितीय किश्त के रूप में अब तक ₹132.61 करोड़ की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है।

51 नवीन प्रस्तावों पर हुआ विचार

बैठक में नीति-2023 के अंतर्गत 51 नवीन प्रस्तावों पर विचार किया गया। इनमें फ्रोजन फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, कैटल फीड, डिहाइड्रेटेड फल एवं सब्जियां, मिठाई-नमकीन-बेकरी एवं आइसक्रीम, फ्रोजन रेडी-टू-ईट उत्पाद, पोटैटो फ्लेक्स, सोया उत्पाद, डेयरी एवं दुग्ध उत्पाद, दाल एवं आटा प्रसंस्करण, खाद्य तेल, सौर ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों सहित विभिन्न मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

नवीन प्रस्तावों में महिला उद्यमी समूहों सहित विभिन्न इकाइयों द्वारा सौर ऊर्जा आधारित खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना के प्रस्ताव भी शामिल हैं। इनमें रेडी-टू-कुक खाद्य उत्पाद, आटा, मसाले, दाल मिल, चावल मिल, सोया उत्पाद, ब्रेडक्रम्ब्स, फ्रूट जूस, डिब्बाबंद फल एवं सब्जियां तथा गुड़ आधारित इकाइयां शामिल हैं।

PMFME में उत्तर प्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धि

बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की भी समीक्षा की गई। प्रदेश में अब तक 28,356 इकाइयों की स्थापना के लिए ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 24,883 इकाइयों को ₹1,040 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8,296 इकाइयों की स्थापना के लिए ऋण स्वीकृत कराकर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहा। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी अब तक 3,198 इकाइयों की स्थापना के लिए ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा इसी अवधि में 7,643 लाभार्थी उद्यमियों को ₹271 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की गई है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।

उत्कृष्ट कार्य के लिए कार्मिक सम्मानित

बैठक के दौरान खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए उद्यमी मित्र इशानी श्रीवास्तव, बरेली, उद्यमी मित्र नेहा सिंह, सीतापुर तथा अंशिल सिन्हा, जूनियर असिस्टेंट, राजकीय खाद्य प्रसंस्करण केंद्र, बरेली को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उपमुख्यमंत्री मौर्य जी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि अपर मुख्य सचिव, खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा का अहम भूमिका रही, योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को और गति देने, परियोजनाओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा किसानों, महिला समूहों, युवाओं और उद्यमियों को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कृषि, उद्योग और रोजगार को आपस में जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।

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