उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों और टीएचआर प्लांटों की समीक्षा की। प्रदेश में एक करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया गया है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाते हुए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास तथा मिशन निदेशक को निर्देशित किया कि टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांटों की नियमित समीक्षा कर उन्हें लाभकारी एवं आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए।
202 टीएचआर प्लांटों को मुनाफे में लाने की तैयारी
मौर्य ने कहा कि मिशन के अंतर्गत संचालित टीएचआर प्लांटों की समीक्षा में 102 प्लांट लाभ की स्थिति में पाए गए हैं। शेष 202 प्लांटों को भी मुनाफे की ओर ले जाना आवश्यक है। इसके लिए संबंधित अधिकारी प्रत्येक प्लांट की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता, लागत और विपणन व्यवस्था की समीक्षा करें तथा कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने कहा कि इन प्लांटों की सफलता से महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
एक करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण को जन आंदोलन का स्वरूप मिला है। ‘लखपति दीदी’ की परिकल्पना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र, आत्मविश्वासी और उद्यमशील बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उत्तर प्रदेश सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रदेश में एक करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तथा समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
1.35 करोड़ ग्रामीण परिवार स्वयं सहायता समूहों से जुड़े
मौर्य ने बताया कि प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 35 लाख ग्रामीण परिवार स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुके हैं तथा 82.23 लाख महिला कृषकों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है। यह ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, सामूहिक शक्ति और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पादन और विभिन्न लघु उद्यमों से जुड़कर अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार, बच्चों की शिक्षा, परिवार की बेहतर देखभाल तथा सामाजिक सम्मान में वृद्धि हो रही है।
प्रशिक्षण, ऋण और बाजार से मजबूत होंगी महिला उद्यमी
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का उद्देश्य केवल महिलाओं को समूहों से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार तैयार करना है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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