लखनऊ। उत्तर प्रदेश को जल्दी ही पूर्णकालिक (स्थायी) पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल सकता है। राज्य की...
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को जल्दी ही पूर्णकालिक (स्थायी) पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल सकता है। राज्य की योगी सरकार ने 36 से अधिक वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजकर भेजकर स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य के मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण (1991 बैच) को अगला स्थायी DGP बनाए जाने की संभावना सबसे प्रबल मानी जा रही है।
यूपीएससी की मंजूरी के बाद राज्य को लगभग चार वर्ष बाद पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिलेगा। मई 2022 के बाद यह पहला मौका है जबकि राज्य सरकार ने स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) के चयन को लेकर बड़ी पहल की है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल में राज्यों में कार्यवाहक पुलिस प्रमुख की नियुक्ति कर पुलिस प्रशासन चलाने की प्रवृत्ति पर आपत्ति जताई थी। शीर्ष कोर्ट ने राज्यों में डीजीपी की नियुक्ति के लिए के संघ लोक सेवा आयोग को पैनल भेजना अनिवार्य कर दिया था। इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग ने भी अब स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की है।
योगी सरकार ने लगभग चार वर्ष बाद पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक पाने के लिए कदम आगे बढ़ाया है। प्रदेश सरकार की ओर से मंगलवार को आईपीएस अधिकारियों के नाम का पैनल आयोग को भेज दिया गया। इसमें 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने डीजीपी की नियुक्ति के लिए अफसरों का पैनल यूपीएससी को भेजा है। सरकार ने वर्ष 1990 से 1996 बैच के तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के नाम आयोग को भेजे हैं। जिन अधिकारियों के नाम का पैनल भारत सरकार को भेजा गया है उनमें वरिष्ठता क्रम में 1990 बैच की रेणुका मिश्रा के अलावा 1991 बैच के आलोक शर्मा, पीयूष आनंद और मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण के नाम शामिल हैं।
तीन दर्जन से अधिक अधिकारियों के नाम आयोग को भेजे गए हैं। आयोग वरिष्ठता के आधार पर इनमें से तीन अधिकारियों को चिन्हित कर राज्य सरकार को उनके नाम भेजेगा। तत्पश्चात राज्य सरकार इनमें से किसी एक का चयन डीजीपी के पद के लिए करेगी।
यूपी में तैनात अफसरों में 1990 बैच की आईपीएस एवं डीजी रेणुका मिश्रा का नाम आईपीएस अफसरों की वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर है। रेणुका मिश्रा वर्ष 2024 से डीजीपी आफिस के अटैच हैं और इन्होंने वीआरएस के लिए भी अप्लाई किया है। इनके बाद केंद्र में तैनात वर्ष 1991 बैच के आलोक शर्मा (डीजी एसपीजी) व पीयूष आनंद (डीजी एनडीआरएफ) के बाद वर्तमान डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम है
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद वरिष्ठतम सुलखान सिंह को पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था। उनके बाद ओपी सिंह, एचसी अवस्थी और मुकुल गोयल ने पुलिस महानिदेशक पद को 11 मई 2022 तक संभाला। 13 मई 2022 को डा. देवेंद्र सिंह चौहान कार्यवाहक डीजीपी बने और उसके बाद से यह सिलसिला अभी तक जारी है। चौहान के बाद डा. आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार व प्रशांत कुमार कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक रहे और 31 मई 2025 से राजीव कृष्णा इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
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