उत्तर प्रदेश में 41,424 नए होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए 10 लाख से अधिक 5.56 एमएम कारतूस और 155 एसएलआर राइफल खरीदी जाएंगी। पढ़ें पूरी खबर।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 41,424 नए होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए 10 लाख से अधिक 5.56 एमएम कारतूस खरीदे जाएंगे। इस पर करीब 3 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि लगभग 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से 155 एसएलआर राइफल भी खरीदी जाएंगी। चयनित अभ्यर्थियों को नवंबर से 90 दिन का प्रशिक्षण देने और फरवरी में फील्ड ड्यूटी पर तैनात करने की तैयारी है।
पहली बार इतनी बड़ी खरीद
उत्तर प्रदेश में यह पहली बार है, जब होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जा रहे हैं। हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के कारतूस एसटीएफ के माध्यम से खरीदे जाएंगे। होमगार्ड विभाग ने इस खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कारतूसों की खरीद पर लगभग 3 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विभाग एसटीएफ के जरिए करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से 155 एसएलआर राइफल भी खरीदेगा।
भर्ती प्रक्रिया अंतिम दौर में
डीजी होमगार्ड ध्रुवकांत ठाकुर ने बताया कि 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी पीईटी चल रही है और अब यह अंतिम दौर में है। विभाग का लक्ष्य सितंबर के अंत तक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी करना है। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी करने की तैयारी है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नवंबर में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। प्रशिक्षण जनवरी में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद फरवरी में नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों को फील्ड में तैनाती दी जाएगी।
90 दिन की ट्रेनिंग में क्या सिखाया जाएगा?
नवचयनित अभ्यर्थियों को 90 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें होमगार्ड की जिम्मेदारियों और सेवा अनुशासन के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की भूमिका समझाई जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान आपदा और आपात परिस्थितियों से निपटने की बुनियादी तैयारी भी कराई जाएगी। इसके अलावा हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास को भी प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बनाया गया है। डीजी होमगार्ड डीके ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नवचयनित अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।
जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़कर देखा गया फैसला
ध्रुवकांत ठाकुर के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए पुलिस और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ मानव संसाधन और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत होमगार्ड विभाग में 41,424 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। बड़ी संख्या में नए होमगार्ड जुड़ने से कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, आपदा राहत और आपातकालीन सेवाओं में विभाग की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
7,600 पदों पर फिर शुरू होगी भर्ती
41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 अन्य रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। विभाग के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के कुल 1,18,348 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 69,324 पदों पर वर्तमान में होमगार्ड कार्यरत हैं। 41,424 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी निर्धारित संख्या के हिसाब से 7,600 पद रिक्त रहेंगे। इन्हीं पदों को भरने के लिए अगली भर्ती शुरू की जाएगी।
भर्ती और तैनाती का संभावित शेड्यूल
- सितंबर के अंत तक 41,424 पदों की भर्ती का परिणाम जारी करने का लक्ष्य।
- अक्टूबर में मेडिकल जांच और पुलिस वेरिफिकेशन।
- नवंबर से चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण शुरू।
- 90 दिनों का प्रशिक्षण जनवरी में पूरा करने की तैयारी।
- फरवरी में नवचयनित होमगार्ड की फील्ड तैनाती।
- इसके बाद 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन।
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