उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर को विशेष रोजगार सृजन दिवस मनाया जाएगा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने 125 दिन के रोजगार, समय पर मजदूरी और ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 12 अक्टूबर को प्रदेशभर में विशेष रोजगार सृजन दिवस आयोजित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में सभी 75 जिलों के अधिकारियों को कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। वीबी-जी राम जी योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने, समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विशेष निगरानी के निर्देश देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों के अधिकारियों को सम्मानित करने की भी घोषणा की। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना और रोजगार के लिए पलायन की जरूरत कम करना है।
रोजगार सृजन दिवस को सफल बनाने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को विशेष रोजगार सृजन दिवस सफल बनाने के लिए गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में निर्धारित लक्ष्य अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, वहां विशेष ध्यान देकर कार्यों में तेजी लाई जाए। इसके लिए नोडल अधिकारी नामित करने, नियमित समीक्षा करने, स्थलीय निरीक्षण और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों के अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
125 दिन के रोजगार से मजबूत होगी ग्रामीण आजीविका
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक सेवा काल के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप यह विशेष दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसरों से जोड़ना, आजीविका के साधनों को मजबूत करना और गांवों में विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, मजदूरी का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित किया जाए।
रोजगार सृजन में देश में प्रथम स्थान हासिल करने का लक्ष्य
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और ग्रामीण क्षेत्रों की व्यापक जरूरतों को देखते हुए प्रदेश को रोजगार सृजन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना को ग्रामीण परिवारों की आजीविका मजबूत करने और गांवों में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। अधिकारियों से पात्र श्रमिकों को अधिकाधिक संख्या में योजना से जोड़ने और रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास तेज करने को कहा गया।
375 प्रकार के कार्यों से गांवों के विकास को मिलेगी गति
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के साथ उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण भी जरूरी है। योजना के अंतर्गत निर्धारित 375 प्रकार के कार्यों के माध्यम से ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और गांवों के विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों की पहचान करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को रोजगार मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जा सके।
पलायन कम करने और पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाने पर जोर
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना, रोजगार के लिए पलायन की आवश्यकता कम करना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ विकास कार्यों को भी गति मिलनी चाहिए।
ग्रामीण विकास की अन्य योजनाओं के समन्वय पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से ग्रामीण संपर्क मार्ग विकसित करने और दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, महिलाओं की आय बढ़ाना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
सेवा संकल्प अभियान से जन-जन तक पहुंचेंगी योजनाएं
बैठक के अंत में उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पात्र ग्रामीण परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी जन-जन तक पहुंचाई जाए। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
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