यूपी में 2017 से अगस्त 2026 तक डीएमएफ निधि से 8,397 परियोजनाएं संचालित हुईं, जिन पर 1548 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए।
UP Uses Rs 1,548 Crore for 8,397 Mining-Affected Area Projects (Representational Image) |
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि का इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्ष 2017 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में इस निधि से कुल 8,397 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर अब तक 1548 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे से लेकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के कल्याण तक विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं पर काम
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के मुताबिक खनन से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन निधि का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत अवैध खनन और परिवहन पर रोक के लिए चेकिंग रोड का निर्माण और समय-समय पर मरम्मत भी कराई गई है। इसके अलावा वृक्षारोपण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य भी कराए गए हैं। इन परियोजनाओं के जरिए खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में 3,419 परियोजनाएं
पिछले 9 वर्षों से अधिक समय में डीएमएफ निधि से प्रत्येक जनपद में शिक्षा से जुड़ी 3,419 परियोजनाओं के तहत प्राथमिक विद्यालयों का जीर्णोद्धार कराया गया है। स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, स्पेस लैब और कंप्यूटर सिस्टम समेत आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता के जरिए विद्यालयों में सुविधाओं को मजबूत किया गया है। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में 323 परियोजनाओं के तहत अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक एवं नवीन उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
गांवों में सामुदायिक भवन और पेयजल सुविधाएं
ग्रामीण खनन प्रभावित क्षेत्रों में 516 भौतिक अवस्थापना परियोजनाओं के तहत सामुदायिक भवनों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। इसके साथ ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सौर प्रकाश, पेयजल, कृषि और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाएं भी संचालित हैं। इन कार्यों के माध्यम से खनन प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। कई जनपदों में पैदल यात्रा के लिए फुटपाथ निर्माण जैसी योजनाएं भी जिला खनिज फाउंडेशन के माध्यम से पूरी की गई हैं।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए 3,070 परियोजनाएं
महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 3,070 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण तथा वजन मापने की मशीन और लंबाई मापने के लिए टेप जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना शामिल है। बुजुर्गों के लिए रात्रि केंद्र, किचन और हैंडपंप जैसी सुविधाओं पर भी काम किया गया है। इन परियोजनाओं के जरिए खनन प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम हो रहा है।
कौशल विकास से रोजगार के अवसर
खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं और अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इनमें मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण, डेयरी फार्मिंग में रोजगार सृजन, कौशल विकास प्रशिक्षण और सिलाई प्रशिक्षण शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने पर भी फोकस किया जा रहा है।
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