यूपी विधानसभा और यामानाशी असेंबली के बीच MoU हुआ। इससे प्रतिनिधिमंडल दौरों, सूचना आदान-प्रदान और शिक्षा, कृषि व पर्यटन में सहयोग बढ़ेगा।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा और यामानाशी प्रीफेक्चरल असेंबली के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान को लेकर MoU पर हस्ताक्षर हुए। समझौते से दोनों पक्षों के बीच नियमित संवाद, प्रतिनिधिमंडलों के दौरों और सूचना के आदान-प्रदान के साथ शिक्षा, कृषि, पर्यटन, अर्थव्यवस्था और मानव संसाधन विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई राह खुलेगी। इस मौके पर जापानी प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा परिसर का भ्रमण कर सदन की कार्यप्रणाली, भूमिका और लोकतांत्रिक विरासत की जानकारी भी हासिल की।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने किया विधानसभा परिसर का दौरा
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने जापान के यामानाशी प्रीफेक्चरल असेंबली के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। जापानी प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा परिसर का भ्रमण कराया गया और सदन की कार्यप्रणाली, भूमिका तथा ऐतिहासिक एवं लोकतांत्रिक विरासत की जानकारी दी गई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल को स्मृति चिह्न भेंट किया और मित्रता एवं सद्भाव का संदेश दिया।
सतीश महाना और हिदेनोरी मियामोतो ने किए हस्ताक्षर
MoU पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना और यामानाशी प्रीफेक्चरल असेंबली के चेयरमैन हिदेनोरी मियामोतो (Hidenori Miyamoto) ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत दोनों पक्षों ने उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। इसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाना है।
प्रतिनिधिमंडल दौरों और सूचना आदान-प्रदान पर जोर
MoU के तहत दोनों विधानसभाओं के बीच पारस्परिक दौरों (Mutual Visits), सूचना आदान-प्रदान (Information Exchange) और विभिन्न एक्सचेंज गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। दोनों पक्ष अपनी कार्यप्रणाली, प्रक्रियाओं और अनुभवों को साझा करेंगे। प्रतिनिधिमंडलों के पारस्परिक दौरों के जरिए जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद बढ़ाने और दोनों क्षेत्रों की बेहतर समझ विकसित करने पर जोर दिया गया है।
काशी और बौद्ध सर्किट पर साझा होंगे सांस्कृतिक संबंध
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी उल्लेख किया गया। जापानी प्रतिनिधिमंडल को दुनिया के प्राचीन जीवंत शहरों में शामिल काशी और उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जनसंपर्क को मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
अर्थव्यवस्था, पर्यटन और कृषि में सहयोग
MoU में अर्थव्यवस्था, पर्यटन, कृषि, शिक्षा और मानव संसाधन विकास सहित आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग एवं आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है। दोनों पक्ष आवश्यकता के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे। एक्सचेंज प्रोग्राम और सहयोगी परियोजनाओं (Cooperative Projects) के जरिए तकनीक, ज्ञान और कौशल के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
भारत-जापान संबंधों को राज्य स्तर पर मिलेगा आधार
उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच यह समझौता व्यापक भारत-जापान संबंधों को राज्य और प्रांतीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, औद्योगिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। विधानसभा स्तर पर संवाद और प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान से निवेश, कौशल विकास, शिक्षा और पर्यटन में सहयोग की नई संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।
पीपुल टू पीपुल कॉन्टेक्ट को मिलेगी नई गति
MoU दोनों विधानसभाओं के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान और सहयोग की प्रतिबद्धता को व्यक्त करता है। इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाले विभिन्न आदान-प्रदान और संयुक्त गतिविधियों के लिए आधार तैयार करना है। समझौते के प्रभावी होने के साथ दोनों पक्षों के बीच पीपुल टू पीपुल कॉन्टेक्ट (People-to-People Contact), संस्थागत संवाद (Institutional Dialogue) और सेक्टोरल कोऑपरेशन (Sectoral Cooperation) को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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