सरकारी मुलाजिमों की 'लेट-लतीफी' और 'साहबगीरी' पर जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा चाबुक चलाया है।
रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। सरकारी मुलाजिमों की 'लेट-लतीफी' और 'साहबगीरी' पर जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा चाबुक चलाया है। जो कर्मचारी अब तक दफ्तरों को अपनी जागीर समझकर मनमर्जी से आते-जाते थे, उनकी हेकड़ी एक झटके में हवा हो गई है। जिले की कड़क जिलाधिकारी (डीएम) सरनीत कौर ब्रोका के औचक निरीक्षण के आदेश ने पूरे प्रशासनिक अमले में ऐसा हड़कंप मचाया कि 'लापता' बाबुओं के पसीने छूट गए। एक साथ कई दफ्तरों पर हुई इस छापेमारी में कुल 147 अधिकारी और कर्मचारी नदारद मिले, जिसके बाद डीएम ने तत्काल कड़ा एक्शन लेते हुए सभी का एक दिन का वेतन रोकने का फरमान सुना दिया है।
ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों पर धावा
दरअसल, पूरा मामला 12 जून का है, जब डीएम के निर्देश पर जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायाब तहसीलदारों ने अचानक अपने-अपने क्षेत्रों के ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों पर धावा बोल दिया। आला अफसरों की गाड़ियों के हूटर बजते ही दफ्तरों में सन्नाटा पसर गया। निरीक्षण में जो सच सामने आया, उसने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी। बाबू कुर्सियों से गायब थे और फाइलों पर धूल जम रही थी।
कहां-कहां हुई कार्रवाई
निरीक्षण की इस महा-कार्रवाई में लापरवाही का जो ब्योरा सामने आया है, वह चौंकाने वाला है। विकास खंड कार्यालय अमावां में 2, सलोन में 3, छतोह में 9, महाराजगंज में 12, शिवगढ़ में 7, बछरावां में 5, लालगंज में 1, खीरों में 10, सरेनी में 7, डलमऊ में 4, रोहनियां में 11 और जगतपुर में 12 कर्मचारी गायब मिले. वहीं, सीएचसी (CHC) अमावां में 2, हरचंदपुर में 8, सलोन में 1, महाराजगंज में 1, शिवगढ़ में 6, सरेनी में 8 और डलमऊ में 14 स्वास्थ्य कर्मी नदारद पाए गए। इस तरह नगर पंचायत डलमऊ के 4, ऊंचाहार के 17 और सीडीपीओ कार्यालय शिवगढ़ के 3 कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद मिले।
डीएम की दो टूक: 'सुधर जाएं, वरना नौकरी भुगतेंगी
इस बंपर लापरवाही पर तल्ख रुख अख्तियार करते हुए डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने साफ कर दिया है कि जनता के काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, सरकारी मुलाजिमों को समय पर दफ्तर आना ही होगा। यह तो सिर्फ एक ट्रेलर है, अगर आगे भी ऐसी लापरवाही मिली तो इससे भी ज्यादा सख्त विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के इस ऐक्शन मोड से जिले के सरकारी विभागों में हड़कंप
डीएम के इस 'ऐक्शन मोड' के बाद से पूरे जिले के सरकारी विभागों में हड़कंप का माहौल है और अब बाबू वक्त से पहले कुर्सियां संभालने की जुगत में लग गए हैं।
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