बीजेपी ने 23 विधानसभा सीटों पर अपनी पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है, जहां पिछले चुनाव में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी जहां इसके लिए खास रणनीति बनाने का दावा कर रही है।
देहरादून: उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। सत्ताधारी बीजेपी ने 23 विधानसभा सीटों पर अपनी पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है, जहां पिछले चुनाव में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी जहां इसके लिए खास रणनीति बनाने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे केवल जनता को गुमराह करने का पैंतरा बता रही है।
बीजेपी ने तेज की चुनावी तैयारियां
उत्तराखंड में 2027 का चुनावी रण में अभी समय है, लेकिन सत्ताधारी बीजेपी ने अपनी तैयारियां अभी से ही तेज कर दी हैं। पार्टी का सबसे ज्यादा फोकस राज्य की उन 23 विधानसभा सीटों पर है, जहां पिछले चुनाव में कमल नहीं खिल पाया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ 57 सीटें जीतने वाली बीजेपी, 2022 में घटकर 47 सीटों पर आ गई थी। यानी 23 सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। अब पार्टी इन हारी हुई सीटों को वापस अपने पाले में लाने के लिए एक विशेष 'मास्टर प्लान' पर काम कर रही है और पार्टी पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।
सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए संपर्क अभियान
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में विभिन्न स्तरों पर संवाद और संपर्क अभियान चलाएगी। बीजेपी प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने बताया कि इस दौरान प्रबुद्ध वर्ग और समाज के गणमान्य नागरिकों के साथ गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और विधानसभा कोर कमेटियों के साथ बैठकें भी होंगी। उन्होंने कहा कि जनसंवाद और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की कार्ययोजना बनाई गई है।
सभी 70 सीटें जीतने का लक्ष्य
बीजेपी ने उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर जीत का दावा ठोक दिया है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता कुंवर जपेंद्र सिंह ने कहा है कि पार्टी के लिए 70 की 70 विधानसभा सीटें महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि 50 सीटें बीजेपी का मजबूत गढ़ हैं। जिन बूथों पर पिछली बार पार्टी बेहद कम वोटों से हारी थी, वहां भी इस बार जीत दर्ज करने का पूरा प्रयास है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी और पार्टी में शामिल हुए सभी नए कार्यकर्ताओं का लक्ष्य अधिकतम सीटें जीतना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता सनातन की अगुवाई करती है, अगर जनता ने सनातन का झंडा बुलंद करने का मन बना लिया तो 70 की 70 सीटें बीजेपी की झोली में आ सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि देवभूमि से सनातन का ऐसा आगाज होगा कि पूरी दुनिया में बड़ा संदेश जाएगा और सनातन का परचम ऊंचाई पर लहराएगा।
बीजेपी के निशाने पर ओबीसी मतदाता
भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी मोर्चे के सोशल मीडिया संयोजक ने आज उत्तराखंड ओबीसी मोर्चे के पदाधिकारियों के साथ प्रदेश कार्यालय पर एक बैठक की। इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि आगामी चुनाव के मद्देनजर आज ओबीसी मोर्चे की बैठक की जा रही है। इसमें मोदी सरकार में ओबीसी वर्ग के लिए किए गए कार्यों को कैसे जनता तक पहुंचाया जाए, इस पर चर्चा होगी, जिससे अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी एक बार फिर से बीजेपी सरकार की सत्ता वापसी हो पाए।
बीजेपी के 'प्लान 23' पर कांग्रेस का तीखा पलटवार
बीजेपी के इस 'प्लान 23' पर विपक्षी दल कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के बयानों में कोई हकीकत नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने कहा है कि अपने बयानों को बदलकर बीजेपी नेता जनता और कार्यकर्ताओं को गुमराह करने का काम कर रही है। बीजेपी की जमीनी पकड़ ढीली हो चुकी है, जिसे छिपाने के लिए इस तरह के दावे किए जा रहे हैं। कभी बीजेपी कहती है कि उनका फोकस 57 सीटों पर है, कभी कहती है कि 46 सीटों पर फोकस होगा, और अब कह रही है कि हारी हुई 23 सीटों पर फोकस किया जाएगा। बीजेपी खुद तय नहीं कर पा रही है कि आखिर उनका प्लान क्या है और उन्हें किस तरह आगे बढ़ना है।