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नया निकाहनामा तैयार कर रहा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड

यूसीसी के अनुरूप नया निकाहनामा तैयार कर रहा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड यूसीसी के प्रावधानों के अनुरूप नया निकाहनामा तैयार कर रहा है। इसमें दूसरी, तीसरी और चौथी शादी के प्रावधान हटाने तथा हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक का प्रस्ताव है।

यूसीसी के अनुरूप नया निकाहनामा तैयार कर रहा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड

नया निकाहनामा तैयार कर रहा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड (ANI Photo) |

देहरादून: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि बोर्ड राज्य में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रावधानों के अनुरूप एक नया निकाहनामा तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि नए निकाहनामा में मुस्लिम समुदाय के लिए यूसीसी के तहत किए गए बदलाव शामिल होंगे और यूसीसी का मसौदा तैयार करने में शामिल लोगों से परामर्श के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

यूसीसी के प्रावधानों के पालन और मुस्लिम समुदाय से जुड़े बदलावों पर चर्चा तेज

उन्होंने आगे कहा कि शत्रुघ्न, सुलेखा दंगवाल और मनु गौर सहित यूसीसी का मसौदा तैयार करने में शामिल सदस्यों के साथ चर्चा चल रही है।
बुधवार को एएनआई से बात करते हुए शम्स ने कहा, "उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू किया गया है। यूसीसी लागू करने वाला हम पहला राज्य हैं। हम यह सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं कि यूसीसी का अक्षरशः पालन हो और मुस्लिम समुदाय के लिए यूसीसी मसौदे में किए गए बदलावों को लागू किया जाए। 

नए निकाहनामा में एक शादी और हलाला पर रोक का प्रावधान

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड द्वारा एक मसौदा तैयार किया जा रहा है। यह वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किया गया एक नया 'निकाहनामा' है, जिस पर 'यूनिफॉर्म सिविल कोड के तहत' लिखा है और इसे वक्फ बोर्ड द्वारा ही तैयार किया जा रहा है। चूंकि वक्फ बोर्ड सभी मस्जिदों और मदरसों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार निकाय है और ये सभी संपत्तियां वक्फ बोर्ड के अधीन हैं, इसलिए इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी वक्फ बोर्ड की है। शम्स ने कहा कि मसौदे में दूसरी, तीसरी या चौथी शादी के प्रावधानों को हटा दिया जाएगा और केवल एक ही शादी की अनुमति होगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित निकाहनामा के तहत हलाला जैसी प्रथाओं पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

नए निकाहनामा में बहुविवाह और हलाला पर पूरी रोक 

वक्फ के अधीन न आने वाली संपत्तियां भी 'उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ' के माध्यम से इसकी जिम्मेदारी बन जाती हैं। हमारी गठित प्रबंधन समितियां विवाह संपन्न कराने वाले काज़ी (मौलवी) नियुक्त करती हैं। हमारा मानना ​​है कि इस नए मसौदे में हमने दूसरे, तीसरे या चौथे विवाह का प्रावधान हटा दिया है। अब आप केवल एक ही विवाह संपन्न करा सकते हैं, और मसौदे में यही एकमात्र विकल्प उपलब्ध है। दूसरे, हलाला जैसी कुप्रथाओं पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

यूसीसी मानकों के अनुरूप नया निकाहनामा जल्द होगा जारी

शम्स ने आगे कहा, इसलिए, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए एक बेहतर मसौदा तैयार किया जा रहा है। यूसीसी का मसौदा तैयार करने वालों में आदरणीय शत्रुघ्न, आदरणीय सुलेखा दंगवाल और मनु गौर शामिल हैं- हम उन सभी से बातचीत कर रहे हैं। जल्द ही हम सब मिलकर निकाहनामा को अंतिम रूप देंगे, और बहुत जल्द हम उस निकाहनामा को वक्फ बोर्ड के माध्यम से जनता के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, जिसमें यूसीसी के सभी मानदंड शामिल होंगे। 

(इनपुट: ANI)

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