मुंबई के प्रसिद्ध 'शिवड़ी चा राजा' पंडाल ने अपने 75 वर्ष पूरे होने पर 'जलमग्न द्वारका' की अद्भुत थीम तैयार की है, जो भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
ठाणे: पुलिस के मुताबिक, ठाणे के टिटवाला में गणपति विसर्जन जुलूस में किस गुट की गणपति प्रतिमा पहले निकलेगी। इस बात को लेकर दो गुटों के बीच विवाद छिड़ गया। यह विवाद मौखिक कहासुनी से शुरू हुआ और धक्का-मुक्की व मारपीट में तब्दील हो गया। इसके बाद कल्याण तालुका पुलिस ने दोनों पक्षों के 70 से 80 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना टिटवाला के रीजेंसी सर्वम, श्रीकृष्णा हॉस्पिटल रोड, एमएनएस चौक और स्टेशन रोड सहित विभिन्न इलाकों में गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान घटी।
गणपति प्रतिमा पहले निकालने को लेकर हुआ विवाद
ठाणे पुलिस के अनुसार, विवाद इस बात को लेकर शुरू हुआ कि किस गुट की गणपति प्रतिमा पहले निकलेगी। मौखिक कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद बाद में धक्का-मुक्की और मारपीट में तब्दील हो गया। इस मामले में नामजद लोगों में भाजपा की पूर्व उप महापौर और वर्तमान पार्षद उपेक्षा भोइर, उनके पति शक्तिवान भोइर और ठाकरे गुट (यूबीटी सेना) के सदस्य शामिल हैं, जिनमें पूर्व पार्षद सुरेश भोइर और पदाधिकारी प्रदीप भोइर भी शामिल हैं।
समुद्र के नीचे द्वारका की कल्पना को किया जा रहा साकार
इस गणेश चतुर्थी पर मुंबई के शिवड़ी इलाके में स्थित प्रसिद्ध 'शिवड़ी चा राजा' पंडाल में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को एक अनोखा अनुभव मिल रहा है। गणपति मंडल के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजकों ने इस साल के उत्सव के लिए जलमग्न द्वारका की थीम तैयार की है। यह अनूठा पंडाल मुंबई के साथ-साथ महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों से भी भक्तों को आकर्षित कर रहा है। यह समुद्र के नीचे द्वारका की कल्पना को साकार करता है, जिससे आगंतुकों को विशेष रूप से तैयार की गई थीम के साथ गणपति प्रतिमा के दर्शन करने का अवसर मिलता है।
अयोध्या में बाल श्री गणेश महोत्सव की धूम
इस बीच अयोध्या में चल रहे बाल श्री गणेश महोत्सव के उत्सव के तहत अयोध्या नगर क्षेत्र में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है, जहां भक्त मंदिर नगर में उत्सव के उत्साह के बीच प्रार्थना कर रहे हैं। भव्य विसर्जन समारोह 25 सितंबर को गुप्ता घाट (गुप्त हरि घाट) पर अनंत चतुर्दशी के शुभ अवसर पर आयोजित किया जाएगा। देश भर में धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाने वाला यह त्योहार दस दिवसीय गणेश चतुर्थी समारोह का समापन है, जिसमें भक्त प्रतिमा के अंतिम विसर्जन से पहले अनुष्ठानों और प्रार्थनाओं में भाग लेते हैं।
(इनपुट: ANI)
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