केसी वेणुगोपाल ने कहा कि INDIA गठबंधन 12 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन करेगा और CJI को ज्ञापन सौंपेगा। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
कन्नूर (केरल)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन तेज़ करने का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि विपक्ष सोमवार, 12 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन करेगा और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को ज्ञापन सौंपकर कथित अनियमितताओं और प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार पर जवाबदेही की मांग करेगा। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी आंदोलनों से डर रही है और स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े तक विरोध जारी रहेगा। वहीं, राहुल गांधी ने भी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कथित कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है।
इस्तीफे के बिना हम यहां से नहीं हटेंगे
पत्रकारों से बातचीत में केसी वेणुगोपाल ने कहा, “वे अपने खिलाफ किसी भी स्तर के आंदोलन से डरते हैं। हम उनसे नहीं डरते, सोमवार को हम एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं और भारत के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं।”
उन्होंने दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और ट्रेनों को रोकने का भी आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने कहा, “वे कोई आंदोलन नहीं होने दे रहे हैं। इस्तीफे के बिना हम यहां से नहीं हटेंगे।” उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बचाने का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी ने भी 12 अक्टूबर के प्रदर्शन का किया ऐलान
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि INDIA गठबंधन 12 अक्टूबर को फिर से सड़कों पर उतरेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने छात्रों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की।
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट में गांधी ने दिल्ली पुलिस पर “गुंडागर्दी” करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और BJP के कार्यकर्ताओं को महिलाओं तथा युवाओं के खिलाफ हिंसा करने की छूट दी।
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं को दबाने की कोशिशों से उनका गुस्सा और बढ़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘मोगैंबो’ कहकर संबोधित किया। यह नाम फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में अभिनेता अमरीश पुरी के चर्चित खलनायक के किरदार से जुड़ा है।
गांधी ने कहा, “जैसा कि मैंने कहा था, 'मोगैंबो मोदी' और उनकी सरकार उन्हें जितना दबाने की कोशिश करेंगे, Gen Z और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा।” उनके बयान में युवाओं और छात्रों के विरोध को लेकर केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।
CJI से मुलाकात कर जवाबदेही की मांग करेगा विपक्ष
राहुल गांधी ने कहा कि सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, INDIA गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस बार विरोध की आवाज पूरे देश में पहले से ज्यादा जोरदार तरीके से उठेगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि विपक्ष भारत के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा और उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर जवाबदेही की मांग करेगा। गांधी ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र से जुड़े मामलों में कानून के रखवालों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
दिल्ली में करीब 1,000 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेता नेहा बोरा शामिल थीं।
इसके अलावा, CJP के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ संगठन की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और अन्य स्थानों पर कई अन्य राजनीतिक नेताओं तथा प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर कायम है विपक्ष
केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि INDIA गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अपना आंदोलन जारी रखेगा। गठबंधन सोमवार को प्रदर्शन करने के साथ CJI को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित व्यवहार पर जवाबदेही की मांग करेगा।
वहीं, राहुल गांधी ने भी 12 अक्टूबर के प्रदर्शन में कांग्रेस, INDIA गठबंधन और युवाओं की भागीदारी का आह्वान किया है। विपक्ष की ओर से उठाए गए इन मुद्दों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही प्रमुख हैं। (Source: ANI)
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