सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत विचाराधीन वोटरों के लिए ट्रिब्यूनल का गठन करने का निर्देश दिया है
सुप्रीम कोर्ट का विचाराधीन वोटरों के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाने का निर्देश
कागजातों की जांच कर रहे जजों की शिकायत पर सख्त नाराजगी
कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत विचाराधीन वोटरों से संबंधित मामले की सुनवाई की और विचाराधीन (अंडर एडज्युडिकेशन) वोटरों के मामले को लेकर किसी शिकायत और उसके निपटारे के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने विचाराधीन वोटरों के कागजातों की जांच कर रहे जजों और न्यायिक अधिकारों के खिलाफ किसी भी शिकायत करने पर सख्त नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें अपना काम करने देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार चुनाव आयोग विचाराधीन वोटरों में से वैध वोटरों की सूची को प्रकाशित करेगा। विचाराधीन वोटरों के मामले में चुनाव आयोग किसी तरह का कोई निर्देश नहीं देगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार करीब 60 लाख विचाराधीन वोटरो में 10 लाख से भी ज्यादा विचाराधीन वोटरों के कागजातों की जांच के मामले निपटा लिए गए है। बाकी विचाराधीन वोचरों के कागजातों की जांत के मामले जज और न्यायिक अधिकारी सुप्रीम कोर्ट को निर्देश के ही अनुसार निपटाने के लिए दिनरात लगे हुए है। उन्हे सुचारू रूप से काम करने दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने उनके काम में बाधक नहीं बनने और ना ही अनावश्यक सवाल उठाने की सख्त हिदायत दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विचाराधीन वोटरों के कागजातों की जांच करीब पांच सौ न्यायिक अधिकारी कर रहे हैं। झारखंड से करीब 200 न्यायिक अधिकारी बुलाए गए हैं।
सुप्रमि कोर्ट के निर्देश के अनुसार अपीलेट ट्रिब्यूनल कलकत्ता हाई कोर्ट के प्रधान जज और विभिन्न राज्यों के अवकाशप्राप्त जज होंगे।
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