नई दिल्ली। देश में सबसे ज्यादा प्रयोग में आने वाले मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप में जल्दी ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली। देश में सबसे ज्यादा प्रयोग में आने वाले मैसेजिंग ऐप "व्हाट्सऐप" में जल्दी ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किये जा रहे नये नियमों के बाद अब व्हाट्सऐप के सभी एकाउंट हर 6 घंटे में स्वत: लॉग आउट हो जाया करेंगे। ऐसा दूरसंचार मंत्रालय द्वारा लागू किये जा रहे "सिम बाइंडिंग" के कारण होगा। केन्द्रीय दूरसंचार मंत्रालय ने मैसेजिंग ऐप वॉट्सएप को लेकर "सिम बाइंडिंग" को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिम से जुड़े नियमों को लेकर वह अपने रुख पर कायम है और इसमें कोई राहत नहीं मिलेगी। साथ ही कहा, वह राजस्व पर पड़ने वाले असर के बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश में“नवंबर 2025 से SIM-बाइंडिंग के निर्देश लागू हैं। इसके लिए मैसेजिंग ऐप्स, जिनमें WhatsApp सबसे बड़ा है, को दो काम करने होंगे। अब हर छह घंटे में WhatsApp Web जैसी सर्विस पर यूज़र्स को ज़बरदस्ती लॉग आउट करना होगा और अगर यूज़र के डिवाइस पर रजिस्टर्ड SIM नहीं है तो काम करना बंद कर देना होगा। इन नियमों को लागू करने की डेडलाइन 28 फरवरी है।”
व्हाट्सऐप पर सिम बाइंडिंग लागू
दूरसंचार विभाग के सिम से जुड़े नए नियमों (सिम बाइंडिंग नियम) के तहत आप जिस नंबर से वॉट्सएप जैसे किसी भी मैसेजिंग एप पर अकाउंट बनाएंगे, उसका सिम आपके मोबाइल फोन में होना जरूरी है। साथ ही, अगर आप किसी मैसेजिंग एप का वेब वर्जन लैपटॉप या कंप्यूटर में इस्तेमाल करते हैं, तो वह हर घंटे में खुद लॉगआउट हो जाएगा। दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, सरकार हर छह घंटे के बाद वेब सेशन के लॉगआउट होने की जरूरी शर्तों में ढील नहीं देगी। लॉगआउट की जरूरत सिर्फ वर्चुअल कनेक्शन के लिए है, फोन पर डायरेक्ट कनेक्शन के लिए नहीं। इसलिए, सिम बाइंडिंग नियम वैसे ही रहेंगे।
व्हाट्सऐप में सिम बाइंडिंग लागू
"सिम बाइंडिंग" नियम के तहत उपभोक्ता जिस नंबर से वॉट्सएप जैसे किसी भी मैसेजिंग एप पर अकाउंट बनाएंगे, उसका सिम उसके फोन में होना जरूरी है। अभी ऐसा नहीं होता है। अभी की व्यवस्था में सिम कार्ड पर ओटीपी के आधार पर व्हाट्सऐप का रजिस्ट्रेशन होता है। एक बार एकाउंट बन जाने के बाद व्हाट्सऐप उस मोबाइल में एक्टिवेट रहता है जिस पर एकाउंट बनाया गया है। पर "सिम बाइंडिंग" के बाद ऐसा संभव नहीं होगा। मोबाइल में उसी नंबर का सिम जिससे एकाउंट बना है, नहीं होने पर मैसेजिंग एप काम नहीं करेगा। सरकार ने मैसेजिंग एप्स से हर छह घंटे में अपने वेब वर्जन को ऑटो-लॉगआउट करने का भी निर्देश दिया है। यानी अगर आप लैपटॉप या टैबलेट पर वॉट्सएप या टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप के वेब वर्जन को इस्तेमाल करते हैं, तो वह बार-बार छह घंटे में लॉगआउट हो जाएगा।
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