राजगढ़ जिला अस्पताल में डिलीवरी के दौरान प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
राजगढ़ (मध्य प्रदेश)। राजगढ़ जिला अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद महिला को तेज रक्तस्राव हो रहा था, लेकिन डॉक्टर और नर्स ने समय पर उसकी जांच नहीं की। महिला की मौत के बाद परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, नवजात की हालत पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
परिजन ने बताया कि मेरी बहू को रात में डिलीवरी हुई, सब कुछ सामान्य था लेकिन अचानक उसे खूब रक्तस्राव होने लगा। मैंने स्टाफ को बताया तो उन्होंने चेक कर कहा कि इनके वस्त्र बदल दीजिए। दोबारा गई तो मेडम ने कहा कि मुझे बार बार परेशान मत करो, अब सुबह देखेंगे कहकर भगा दिया।
पूर्व विधायक परिजनों से मिलने पहुंचे
राजगढ़ के पूर्व विधायक बापूसिंह तंवर ,हेमराज कल्पोनी को पता चला तो परिजनों से मिलने पहुँचे। जिला अस्पताल में महिला की मौत हो गई और अस्पताल के बाहर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धरने पर बैठे गए हंगामे की खबर सुनकर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
एसडीएम, तहसीलदार व टीआई मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात की। लोगों ने स्पष्ट आरोप लगाया कि प्रसूता को न किसी डॉक्टर ने देखा और न ही नर्स ने उसकी सुध ली। लापरवाही के कारण वह मर गई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी परिजन को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रसूता की मौत की वजह अत्यधिक ब्लीडिंग बताई जा रही है। इधर नवजात पूरी तरह स्वस्थ है।
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