आदित्य बिरला समूह का वायर्स एंड केबल्स व्यवसाय अगले वर्ष देशभर में 40,000 से अधिक इलेक्ट्रिशियनों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करेगा।
नई दिल्ली: आदित्य बिरला समूह के वायर्स एंड केबल्स व्यवसाय ने तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और सुरक्षित विद्युत इंस्टॉलेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अगले वर्ष देशभर में 40,000 से अधिक इलेक्ट्रिशियनों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करने की योजना बनाई है।
ESSCI के साथ मिलकर शुरू हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम
कंपनी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ESSCI) के साथ साझेदारी में यह पहल शुरू की गई है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिशियनों को बदलती विद्युत जरूरतों और नई तकनीकों के अनुरूप आवश्यक कौशल प्रदान करना है। स्किल इंडिया इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप है। इसे राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के तहत संचालित ESSCI के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
पहले चरण में 9 राज्यों पर फोकस
कार्यक्रम के पहले चरण में पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश को शामिल किया गया है। इन राज्यों में प्रशिक्षण सत्र शुरू हो चुके हैं और लगभग रोजाना आयोजित किए जा रहे हैं। वायर्स एंड केबल्स व्यवसाय का लक्ष्य इस साल के अंत में अपने व्यावसायिक लॉन्च से पहले करीब 2,000 इलेक्ट्रिशियनों को प्रशिक्षित करना है। वहीं, व्यापक कार्यक्रम के तहत अगले वर्ष 40,000 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देने की योजना है।
सुरक्षित वायरिंग से लेकर नई तकनीकों तक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुरक्षित वायरिंग पद्धतियों, सही इंस्टॉलेशन तकनीक, सामग्री के उचित चयन, बदलती विद्युत भार आवश्यकताओं और उन्नत वायर तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। कंपनी के अनुसार, विद्युत प्रणालियां और उत्पाद लगातार अधिक आधुनिक और जटिल हो रहे हैं। ऐसे में सुरक्षित और सही तरीके से विद्युत इंस्टॉलेशन करने वाले प्रशिक्षित पेशेवरों की आवश्यकता भी बढ़ रही है।
प्रशिक्षण पूरा करने पर मिलेगा प्रमाण पत्र
कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को स्किल इंडिया से संबद्ध प्रमाण पत्र के साथ पेशेवर इलेक्ट्रिशियन पहचान पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणन प्रणाली से जुड़ा क्यूआर-सक्षम प्रमाण पत्र और पहचान पत्र भी मिलेगा। कंपनी का कहना है कि इन प्रमाण पत्रों से इलेक्ट्रिशियनों के कौशल को औपचारिक मान्यता मिलेगी। इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने और इलेक्ट्रिशियनों के लिए रोजगार व व्यावसायिक अवसरों का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।
सुरक्षित विद्युत व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यबल विकास के अलावा, कार्यक्रम का उद्देश्य विद्युत क्षेत्र में इंस्टॉलेशन के मानकों को बेहतर बनाना भी है। कंपनी के अनुसार, ESSCI के साथ साझेदारी से कौशल विकास, विश्वास और औपचारिक मान्यता के आधार पर इलेक्ट्रिशियनों के साथ दीर्घकालिक संबंध बनाने में मदद मिलेगी। कंपनी ने कहा कि यह पहल सुरक्षित विद्युत इंस्टॉलेशन, बेहतर उत्पाद चयन और उद्योग में उच्च मानकों को बढ़ावा देने में योगदान देगी।
(ANI)
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