80वें स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी ने लॉन्च की नई 'यूथ पॉलिसी'। यूपी बना देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन, निवेश और रोजगार के नए अवसर।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वाधीनता दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नई 'यूथ पॉलिसी" की घोषणा की। विधानभवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के बाद उत्तर प्रदेश अब ‘उपद्रव प्रदेश’ से ‘उत्सव प्रदेश’ बन चुका है। कभी बीमारू राज्यों में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था के ‘ग्रोथ इंजन’ की भूमिका निभा रहा है। पॉलिसी पैरालिसिस को समाप्त कर प्रदेश को निवेश के ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित किया गया है।
स्किल, इनोवेशन और रोजगार पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक घोषणा करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि ‘यूथ पॉलिसी’ के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को एक इंटीग्रेटेड अप्रोच के साथ उनके स्किल, इनोवेशन और एंप्लॉयमेंट को और अधिक मजबूती प्रदान करने में हमें सफलता प्राप्त होगी। सरकार का संकल्प हर युवा के हाथ में स्किल, इनोवेशन और एंप्लॉयमेंट देना है। युवाओं की क्षमता और संभावनाओं का सही उपयोग करने के संकल्प को और गति दी जाएगी।
नारी शक्ति को सुरक्षा और सम्मान देने का दावा
उन्होंने कहा कि आज हमारी बहनें और बेटियां कभी भी बाजार जा सकती हैं, पढ़ाई के लिए अकेले जा सकती हैं, अपने कार्य से घर लौट सकती हैं और अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं। पिछले नौ वर्षों में नारी शक्ति को उचित सम्मान दिलाने के साथ उन्हें असुरक्षा से भी आजादी दिलाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ऐसा उत्तर प्रदेश बना रहे हैं, जहां विरासत भी है और भविष्य की तकनीक भी। जहां संस्कृति का गौरव और आधुनिकता की गति साथ-साथ होगी, परंपरा की जड़ें मजबूत होंगी और विकास के पंख आसमान छूते दिखाई देंगे।
युवा शक्ति को बताया उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत
उन्होंने युवा शक्ति को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि प्रदेश का युवा प्रतिभावान, परिश्रमी और देश एवं समाज के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति से भरपूर है। युवाओं की प्रतिभा में ही उत्तर प्रदेश की शक्ति निहित है। सरकार ने नकल माफिया और भर्ती माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है और प्रदेश के डेमोग्राफिक डिविडेंड को ‘डेवलपमेंट इंजन’ में बदला जा रहा है। जेन-जी और जेन-अल्फा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डेटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, साइबर, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीप टेक और मेड टेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम आगे बढ़ाया गया है।
युवा उद्यमियों को ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण
इससे निवेश, नवाचार और रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। सीएम युवा उद्यमी योजना के माध्यम से स्वरोजगार के लिए युवाओं को ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। हर मंडल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज, हर जिले में स्टेडियम, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर गांव में खेल का मैदान एवं ओपन जिम विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का युवा पलायन की समस्या से मुक्त हो चुका है।
स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि
उन्होंने कहा कि आज का यह पावन अवसर सत्य और अहिंसा के साधक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, भारत के संविधान के शिल्पी बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, देश के प्रथम राष्ट्रपति एवं संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद समेत उन सभी महान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों, क्रांतिकारियों और वीर सैनिकों के स्मरण और उनकी स्मृतियों को नमन करने का अवसर है। इन महान विभूतियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया और स्वाधीन भारत को सुरक्षित माहौल देते हुए ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
यूपी के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई उत्तर प्रदेश के बिना अधूरी समझी जाएगी। मंगल पांडे से लेकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना अवंती बाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना ऊदा देवी पासी तक, देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वालों की एक लंबी श्रृंखला है। चंद्रशेखर आजाद, पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, तात्या टोपे जैसे महान क्रांतिकारियों एवं स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने उत्तर प्रदेश की धरती पर स्वाधीनता के बिगुल को प्रथम स्वातंत्र्य समर के रूप में पूरब से पश्चिम तक प्रत्येक जनपद में पहुंचाया। उनके संघर्ष और बलिदान की परिणति 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वाधीनता के रूप में हम सबके सामने आई।
शहीद सुनील कुमार को विनम्र श्रद्धांजलि
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स के जांबाज इंस्पेक्टर शहीद सुनील कुमार भारत माता के वीर सपूत थे। शामली में कुख्यात अपराधियों के साथ मुठभेड़ में उन्होंने चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया, लेकिन आमने-सामने की मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद अंततः वीरगति को प्राप्त हुए। उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने शहीद सुनील कुमार को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी का दावा
सीएम योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के साथ उत्तर प्रदेश अब सुशासन के एक मॉडल के रूप में आगे बढ़ा है। अब उत्तर प्रदेश की गिनती बीमारू राज्य के रूप में नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में होती है। बीते नौ वर्षों में प्रदेश ने अपने बजट और अर्थव्यवस्था को तीन गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है और वूमेन वर्कफोर्स का योगदान भी तीन गुना हुआ है। उत्तर प्रदेश अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन’, ‘वन डिवीजन-वन स्टेट यूनिवर्सिटी’, ‘वन डिवीजन-वन अटल आवासीय विद्यालय’ और ‘वन डिवीजन-वन फॉरेंसिक लैब’ की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
निवेश प्रस्तावों से रोजगार के नए अवसर
सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश में 36 सेक्टोरल पॉलिसीज और 75 हजार एकड़ से अधिक का डेडिकेटेड लैंड बैंक है। बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ में फ्यूचर रेडी टाउनशिप बनाई जा रही है। पिछले नौ वर्षों में सुशासन के इस मॉडल का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनके माध्यम से 65 लाख से अधिक युवाओं के लिए अपने ही जनपद, क्षेत्र और प्रदेश में नौकरी एवं रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
9 साल में लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां
पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 9 वर्षों में नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी क्षेत्र में नौकरियां मिली हैं। प्रदेश में चार करोड़ से अधिक रोजगार और स्वरोजगार का सृजन हुआ है। बड़े उद्योगों की संख्या ढाई गुना बढ़ी है। आज 96 लाख एमएसएमई यूनिट, 32 हजार से अधिक बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रहे हैं।
AI से मेड टेक तक नए सेक्टरों में बढ़ी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप, डेटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीप टेक और मेड टेक जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे निवेश, नवाचार और रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और अन्य संस्थानों के माध्यम से युवाओं को प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का दावा
ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों में 19 बुनियादी सुविधाओं का संतृप्तिकरण किया गया है। सीएम अभ्युदय विद्यालय, पीएम श्री विद्यालय और सीएम कंपोजिट विद्यालय मॉडल के रूप में विकसित हुए हैं। उत्तर प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट रेट 19 प्रतिशत से घटकर मात्र तीन प्रतिशत रह गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस जैसी संचारी बीमारी को पूरी तरह समाप्त किया गया है। प्रदेश में आयुष्मान भारत से जुड़े 10 करोड़ लाभार्थियों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा का कवर प्राप्त हो रहा है। ‘शिक्षक राष्ट्र निर्माण की पहली पंक्ति का योद्धा है’, इसी भावना के साथ सरकार ने शिक्षकों, शैक्षणिक कर्मचारियों और उनके परिजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की है।
धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
सीएम ने कहा कि प्रदेश अपनी समृद्ध धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ उसे युवाओं के रोजगार से भी जोड़ रहा है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली और नैमिषारण्य जैसे पावन तीर्थों के साथ भगवान बुद्ध से जुड़े कपिलवस्तु, सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कौशांबी की विरासत के संरक्षण का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी प्रकार जैन तीर्थंकरों से जुड़े स्थलों तथा संत कबीर दास, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि और सामाजिक न्याय के पुरोधाओं से जुड़ी विरासत एवं उनके सम्मान को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
पर्यटन से युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते
इन सभी विरासतों के संरक्षण और विकास के माध्यम से प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्ष 2025 में इन सभी प्रयासों के माध्यम से 156 करोड़ से अधिक पर्यटकों का उत्तर प्रदेश में आगमन हुआ। बांदा जिले में विंध्य पर्वतमाला की पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन अजेय कालिंजर का किला इस वर्ष गणतंत्र दिवस की झांकी का हिस्सा रहा है। सारनाथ हाल ही में यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल हुआ है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण
उत्तर प्रदेश में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का कार्य प्रदेश की जनता-जनार्दन ने अपनी युवा शक्ति के बल पर पूरा किया है। ‘एक जनपद-एक नदी’ योजना के माध्यम से लुप्तप्राय और सूख चुकी छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। अयोध्या सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सरकार का जोर
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 17 नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर समेत 18 शहरों को सेफ सिटी परियोजना से जोड़ा गया है। स्टार्टअप में महिलाओं की सहभागिता 50 प्रतिशत तक पहुंची है। पंचायतों में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ा है और पुलिस बल में भी महिलाओं की भागीदारी को मजबूती से बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आधी आबादी को समाज के हर क्षेत्र में भागीदारी देना है और प्रदेश इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान का सम्मान भारत के अन्न का सम्मान है।
किसानों को सिंचाई, बिजली और आधुनिक सुविधाओं का लाभ
आज किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में मिल रहा है। सिंचाई की बेहतर सुविधा, गन्ने का उचित मूल्य और समय पर भुगतान, बीज-खाद, नई तकनीक, स्टोरेज एवं प्रोसेसिंग की सुविधाओं के साथ कृषि को बाजार से जोड़ा जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत तीन करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में भुगतान किया गया है।
कृषि विकास दर बढ़ने का मुख्यमंत्री ने किया दावा
उन्होंने कहा कि विगत 9 वर्षों में अन्नदाता किसानों को बिचौलियों के शोषण, अवसरों के अभाव, सिंचाई की कमी और गन्ना किसानों के दशकों से लंबित भुगतान जैसी समस्याओं से मुक्ति दिलाई गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना के तहत प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। निजी नलकूप संचालित करने वाले 16 लाख अन्नदाता किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसका परिणाम है कि नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंची है। यह केवल आंकड़ों का परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रदेश के बढ़े आत्मविश्वास का भी परिणाम है।
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