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घुमन्तू विकास बोर्ड का होगा गठन

उत्तर प्रदेश में घुमन्तू विकास बोर्ड का गठन: योगी सरकार विमुक्त और घुमन्तू जातियों को देगी सम्मानजनक जीवन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन की घोषणा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि विमुक्त एवं घुमन्तू समाज को सम्मान, पहचान और सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।

उत्तर प्रदेश में घुमन्तू विकास बोर्ड का गठन योगी सरकार विमुक्त और घुमन्तू जातियों को देगी सम्मानजनक जीवन

Yogi Announces Strong Push for Nomadic Development Board in UP |

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन हेतु विमुक्त एवं घुमन्तू समाज द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनन्दन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से कहा था कि बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक तबके को दिया जाएगा। उनका सबका साथ-सबका विकास का मंत्र आज समाज के प्रत्येक तबके के उत्थान का कारण बना है। घुमन्तू विकास बोर्ड उत्थान की इसी कहानी की नई कड़ी का नाम है। डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप घुमन्तू एवं विमुक्त जातियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करेगी। अब उन्हें दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। हम सभी मिलकर समाज की मुख्यधारा के साथ जुड़कर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।

1857 की क्रांति और घुमन्तू जातियों के संघर्ष का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में घुमन्तू जातियांं को अंग्रेजों ने अपराधिक श्रेणी में रखकर क्रिमिनल ट्राइब्स के रूप में वर्ष 1871 में अधिसूचित कर दिया था। अंग्रेजों ने इन जातियों को क्रिमिनल ट्राइब इसलिए घोषित किया, क्योंकि इन्होंने अंग्रेजों का जीना मुश्किल कर दिया था। इन्होंने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं। यह जातियां भारत की आजादी के लिए बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके लड़ाई लड़ रही थी। अंग्रेजों को एहसास होने लगा कि वह अब बहुत दिनों तक भारत में शासन नहीं कर पाएंगे। अंग्रेजों ने सन् 1857 के स्वातंत्र्य समर में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से भागीदार जातियों को चिन्हित करना प्रारम्भ कर दिया।

आजादी के बाद विमुक्त जातियों को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में बाबा साहब डॉ भीमराव आम्बेडकर ने क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट-1871 को समाप्त किया तथा वर्ष 1952 में इन्हें देश में विमुक्त जाति के रूप में घोषित करते हुए सम्मान दिया। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ी जातियों के लोग विमुक्त जाति के रूप में आज भी समाज में अपना योगदान दे रहे हैं। इनके विकास और उत्थान के लिए जो कार्य प्रारम्भ से होने चाहिए थे, वह नहीं हो पाए। 

प्रधानमंत्री मोदी की पहल से बोर्ड गठन की प्रक्रिया तेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री ने इन जातियों के लिए एक आयोग का गठन किया। गत वर्ष जब मुख्यमंत्री को घुमन्तू जाति सम्मेलन में सम्मिलित होने का अवसर मिला था, तो उन्होंने प्रदेश में घुमन्तू विकास बोर्ड का गठन करने की घोषणा की थी। अब घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

वनटांगिया से मुसहर तक, योजनाओं का मिला व्यापक लाभ

पहली बार वनटांगिया गांव को राजस्व गांव के रूप में मान्यता दी गई। हजारों की संख्या में लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया। पहले मुसहर जाति के लोगों का कोई पुरसाहाल नहीं था। डबल इंजन सरकार द्वारा उन्हें सभी प्रकार की सुविधाओं से युक्त करने का कार्य किया गया। थारू, गोंड, चेरो, बुक्सा, कोल, सहरिया आदि जातियों के लोगों को सरकारी योजनाओं के तहत कवर किया गया है। उन्हें राशन कार्ड, जमीन का पट्टा, घर, आयुष्मान कार्ड, बिजली कनेक्शन, मुफ्त LPG कनेक्शन, निराश्रित, बुढ़ापा और दिव्यांग पेंशन आदी का लाभ दिया गया है।

आश्रम विद्यालय और अटल आवासीय स्कूलों से शिक्षा को नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने घुमन्तू जातियों के साथ-साथ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय प्रारम्भ किये हैं। इन विद्यालयों में बच्चों को अत्याधुनिक शिक्षा प्रदान की जाती है। यहां उनके लिए लॉजिंग-फूडिंग की निशुल्क व्यवस्था है। श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय प्रारम्भ किए गए हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से बच्चों अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों, विद्यार्थियों, युवाओं तथा विमुक्त एवं घुमन्तू समाज सहित प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है।

महान विभूतियों के सम्मान में स्मारक और संस्थानों का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रृंगवेरपुर में भगवान श्रीराम के साथ गले मिलते हुए निषादराज की भव्य प्रतिमा की स्थापना की गयी है। यह प्रतिमा सैकड़ों किलोमीटर दूर से दिखाई देती है। महाराज सुहेलदेव का विजय स्मारक बहराइच में बनकर तैयार है। बलरामपुर के इमलिया कोडर में ट्राइबल म्यूजियम बन गया है। इसी प्रकार मीरजापुर और सोनभद्र में भी तैयारी चल रही है। महाराज सुहेलदेव के नाम पर आजमगढ़ में विश्वविद्यालय तथा बहराइच में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया है। बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी, लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी और गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर महिला पुलिस बटालियन का गठन किया गया है। बांदा मेडिकल कॉलेज महारानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है।

हर घुमन्तू जाति तक सरकारी योजनाएं पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि घुमन्तू विकास बोर्ड इन सभी जातियों को चिन्हित कर उन्हें सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए कार्य करेगा। उन्हें सभी योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनके जीवन स्तर को उठाने का प्रयास करेगा। घुमन्तू विकास बोर्ड शीघ्र कार्य करना शुरू करेगा। इसके कार्यरूप एवं गठन के स्वरूप में थोड़ा परिर्वतन किया जाएगा। हमारा प्रयास होना चाहिए कि गठन में प्रत्येक जाति का प्रतिनिधित्व रहे।
(Published By: Ravi Pandey)

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