उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ में नवनियुक्त वैज्ञानिक अधिकारियों के एक बैच को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ में नवनियुक्त वैज्ञानिक अधिकारियों के एक बैच को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इन अधिकारियों का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा पास करने के बाद हुआ है। राज्य के फोरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में इस भर्ती को अहम माना जा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस भर्ती अभियान की जानकारी दी। उन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने में फोरेंसिक साइंस और वैज्ञानिक जांच की भूमिका पर जोर दिया। साथ ही कहा कि मजबूत न्याय व्यवस्था के लिए तकनीक का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "अपराधों की निष्पक्ष जांच, ठोस वैज्ञानिक सबूत और दोषियों को समय पर सजा एक मजबूत न्याय व्यवस्था की नींव है। इस इरादे को और मजबूत करने के लिए, आज लखनऊ में, मैं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नए चुने गए वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटूंगा। सभी नए चयनित अधिकारियों को अग्रिम बधाई।"
अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा विकल्प का स्वागत
बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलने का स्वागत किया था। उन्होंने इसे अग्निवीरों का भविष्य सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। X पर साझा की गई पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 प्रतिशत अग्निवीरों का चयन मेरिट के आधार पर रक्षा बलों में नियमित सेवा के लिए होता रहेगा, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को स्वैच्छिक आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज हमारे अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। पहले से तय व्यवस्था के अनुसार, 25 प्रतिशत अग्निवीर मेरिट के आधार पर रक्षा बलों में नियमित सेवा के लिए चुने जाएंगे। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को स्वैच्छिक आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा, "इस अवधि के पूरा होने पर, उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने के आधार पर उन्हें नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर भी मिलेगा। दिवाली से पहले अग्निवीरों को यह बड़ा तोहफा देने के लिए प्रधानमंत्री जी का हार्दिक धन्यवाद।"
अग्निपथ योजना में क्या होगा बदलाव?
बदली हुई व्यवस्था के मुताबिक, अग्निपथ योजना के तहत शुरुआती 4 साल की सेवा जारी रहेगी। इस अवधि के पूरा होने पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर तुरंत नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीर अपनी इच्छा के अनुसार 2 साल की अतिरिक्त सेवा अवधि के लिए पात्र होंगे। इस दौरान उन्हें बढ़ा हुआ वेतन, विस्तारित सेवा निधि पैकेज और कुल वरिष्ठता के लाभ मिलेंगे। 6 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के रूप में भर्ती होने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए उनकी सहमति और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।
(ANI)
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