इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने व्यवस्था दी है कि पांच महीने से अधिक अवधि के गर्भ में विकसित भ्रूण की रेलवे दुर्घटना में ‘मौत’ बच्चे की मौत के बराबर है और इसके लिए अलग से मुआवज़ा वांछित है।
Prime News Network
2026-09-25 15:20:47