जन्माष्टमी का व्रत अपनी क्षमता और परंपरा के अनुसार रखें, सात्विक आहार अपनाएं और मध्यरात्रि पूजा के बाद स्थानीय पंचांग के अनुसार सही समय पर पारण करें।
Prime News Network
2026-09-01 07:58:29