दक्षिणी रूस के गेलेंड्ज़िक में काला सागर तट पर यूक्रेनी ड्रोन का मलबा गिरने से 3 बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हुई, जबकि 40 लोग घायल हो गए।
मॉस्को [रूस]: सोमवार को दक्षिणी रूस के काला सागर तट पर स्थित रिसॉर्ट शहर गेलेंड्ज़िक के एक भीड़भाड़ वाले समुद्र तट पर यूक्रेनी ड्रोन का मलबा गिरने से कम से कम सात लोगों, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं, की मौत हो गई, जबकि 40 अन्य घायल हो गए।
रूसी प्रशासन ने जताया दुख
सीएनएन के अनुसार, क्रास्नोदार क्षेत्र में हुआ यह हमला हाल के हफ्तों की सबसे घातक घटनाओं में से एक माना जा रहा है। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था या उसे रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया था। क्षेत्रीय गवर्नर वेनियामिन कोंड्राटिएव ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, 40 घायलों में से 21 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 19 लोगों का मौके पर ही उपचार किया गया।
ड्रोन गिरने का वीडियो आया सामने
वीडियो फुटेज के हवाले से सीएनएन ने बताया कि विस्फोट से कुछ सेकंड पहले स्वचालित हथियारों से गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद ड्रोन अचानक मुड़ा और समुद्र तट की रेत पर गिर गया। बताया जा रहा है कि वह पास स्थित एक रूसी रडार प्रतिष्ठान को पार नहीं कर सका।
यूक्रेन ने रूसी वायु रक्षा को ठहराया जिम्मेदार
यूक्रेन सरकार के दुष्प्रचार विरोधी केंद्र के प्रमुख एंड्री कोवालेन्को ने नागरिकों की मौत के लिए रूसी वायु रक्षा प्रणाली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ड्रोन को छुट्टियां मना रहे लोगों से भरे समुद्र तट के ऊपर मार गिराया गया, जिससे यह हादसा हुआ। उनका दावा है कि यूक्रेन केवल रूस के सैन्य और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाता है, आम नागरिकों को नहीं।
तुर्की के मालवाहक जहाज पर भी ड्रोन हमला
इसी बीच, तुर्की के परिवहन और अवसंरचना मंत्रालय के अनुसार, रूस के नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील दूर तुर्की के स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज 'नादेज़्दा' पर भी ड्रोन हमला हुआ। जहाज तुर्की के सैमसन जा रहा था और उसमें 22 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 13 तुर्की नागरिक शामिल थे।
जहाज में लगी आग, चालक दल को बचाया गया
हमले में जहाज के रहने वाले हिस्से और अगले भाग को भारी नुकसान पहुंचा तथा उसमें आग लग गई। रूसी आपातकालीन टीमों ने सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालकर नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह पहुंचाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीन कर्मियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। लगातार ड्रोन हमलों के खतरे के कारण जहाज पर लगी आग बुझाने का अभियान फिलहाल शुरू नहीं किया जा सका है।
(एएनआई)
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