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भारत के स्वदेशी GPS 'NavIC' का बड़ा अपडेट

NavIC Update: IRNSS-1F सैटेलाइट निष्क्रिय होने से भारत के स्वदेशी GPS पर क्या पड़ा असर, जानें पूरी सच्चाई

NavIC अपडेट: IRNSS-1F सैटेलाइट निष्क्रिय होने से भारत के स्वदेशी GPS की पोजीशनिंग सेवा प्रभावित। जानें क्या बोले मंत्री और कब लॉन्च होगा नया NVS-03 सैटेलाइट।

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NavIC Satellite IRNSS-1F Retires |

नई दिल्ली। देश के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम NavIC को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इसे भारत का अपना GPS भी कहा जाता है। लोकसभा में एक लिखित जवाब के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि 10 साल का अपना मिशन लाइफ (Mission Life) पूरा करने के बाद IRNSS-1F उपग्रह (Satellite) अब निष्क्रिय हो गया है। इसके चलते वर्तमान में NavIC कॉन्स्टिलेशन (उपग्रहों का समूह) में केवल तीन ही सैटेलाइट्स बचे हैं, जबकि सटीक पोजीशनिंग (स्थान की सटीक जानकारी) के लिए कम से कम चार एक्टिव सैटेलाइट्स की जरूरत होती है। हालांकि, नए लॉन्च को लेकर सरकार की पुख्ता तैयारी है।

मंत्री का आधिकारिक बयान

"IRNSS-1F का मिशन लाइफ (10 वर्ष) पूरा होने के बाद, वर्तमान में PNT (पोजिशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग) सेवाएं प्रदान करने के लिए NavIC कॉन्स्टिलेशन में तीन उपग्रह (IRNSS-1B, IRNSS-1I और NVS-01) मौजूद हैं। बुनियादी पोजीशनिंग सेवा प्रदान करने के लिए कक्षा में न्यूनतम चार ऑपरेशनल उपग्रहों की आवश्यकता होती है। इसलिए, NavIC कॉन्स्टिलेशन स्टैंडअलोन पोजीशनिंग सेवा प्रदान नहीं कर सकता है, हालांकि टाइमिंग सेवा पूरी तरह कार्य कर रही है। वर्तमान में सशस्त्र बल (Armed Forces) परिचालन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए NavIC सहित मल्टी-कॉन्स्टिलेशन GNSS का उपयोग कर रहे हैं।

चूंकि अधिकांश उपयोग के मामलों (use-cases) में NavIC का उपयोग मल्टी-कॉन्स्टिलेशन वातावरण में किया जा रहा है, इसलिए उपयोगकर्ताओं के लिए कोई संवेदनशीलता या खतरा (vulnerability) नहीं है। अगली NavIC सैटेलाइट यानी NVS-03 लॉन्च के लिए तैयार है और दो अन्य सैटेलाइट यानी NVS-04 और NVS-05 निर्माण के उन्नत चरण में हैं।"

मुख्य बातें और डेटा पॉइंट्स (Key Highlights)

  • मौजूदा स्थिति: IRNSS-1F का 10 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब NavIC नेटवर्क में केवल 3 ऑपरेशनल सैटेलाइट्स बचे हैं—IRNSS-1B, IRNSS-1I और NVS-01।
  • क्या है असर: न्यूनतम 4 सैटेलाइट्स की जरूरत पूरी न होने के कारण वर्तमान में NavIC स्टैंडअलोन पोजीशनिंग सर्विस (स्वतंत्र रूप से सटीक लोकेशन बताने की सुविधा) नहीं दे पा रहा है। हालांकि, टाइमिंग सर्विस (समय की सटीक जानकारी) अभी भी पूरी तरह काम कर रही है।
  • सुरक्षा पर प्रभाव: सशस्त्र बल (Armed Forces) वर्तमान में केवल एक पर निर्भर न रहकर मल्टी-कॉन्स्टिलेशन GNSS (यानी कई देशों के नेविगेशन सिस्टम का मिला-जुला रूप) का उपयोग कर रहे हैं। इससे उपयोगकर्ताओं या सेना के लिए किसी भी तरह की खतरे की गुंजाइश नहीं है।
  • आगामी लॉन्च: अगली पीढ़ी का सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है, जबकि NVS-04 और NVS-05 पर भी तेजी से काम चल रहा है।

विस्तृत विश्लेषण (Detailed Analysis)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित NavIC (Navigation with Indian Constellation) भारत और उसकी सीमाओं के आसपास 1,500 किलोमीटर के दायरे में सटीक भौगोलिक स्थिति (Positioning) और समय की जानकारी प्रदान करने वाला क्षेत्रीय नेविगेशन सिस्टम है। किसी भी आधुनिक नेविगेशन सिस्टम को सुचारू रूप से काम करने के लिए कक्षा में कम से कम चार सक्रिय उपग्रहों की निरंतर आवश्यकता होती है।

हाल ही में IRNSS-1F उपग्रह द्वारा अपने 10 साल के जीवनकाल को पूरा करने के बाद यह संख्या घटकर तीन रह गई है। इस तकनीकी बाधा के कारण फिलहाल आम नागरिकों और उपकरणों को केवल NavIC के जरिए स्वतंत्र रूप से लोकेशन देखने में आंशिक रुकावट आ सकती है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार और इसरो स्थिति से निपटने के लिए तेजी से कदम उठा रहे हैं।

उपभोक्ताओं पर असर (Information Gain & Impact)

आम नागरिकों के लिए: आपके स्मार्टफोन या मैप्स में तात्कालिक तौर पर कोई बड़ा व्यवधान महसूस नहीं होगा, क्योंकि अधिकांश आधुनिक उपभोक्ता डिवाइस एक साथ कई सैटेलाइट सिस्टम (जैसे अमेरिकी जीपीएस, रूसी ग्लोनॉस और NavIC) का उपयोग करते हैं।

सुरक्षा और तकनीक के मोर्चे पर: देश की रक्षा प्रणालियां और रणनीतिक उपयोग पहले से ही मल्टी-कॉन्स्टिलेशन मोड में काम कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित है। आने वाले समय में NVS-03 के लॉन्च के साथ यह सेवा पूरी तरह बहाल हो जाएगी।

स्मार्ट FAQ (Smart FAQ Block)

Q1. क्या NavIC के वर्तमान में काम न करने से मेरा मोबाइल मैप या GPS पूरी तरह बंद हो जाएगा?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। अधिकांश आधुनिक स्मार्टफोन्स कई नेविगेशन सिस्टम (जैसे GPS और NavIC दोनों) का एक साथ इस्तेमाल करते हैं, इसलिए आपको आम इस्तेमाल में कोई परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा, NavIC की टाइमिंग सर्विस अभी भी सक्रिय है।

Q2. अगली बार NavIC सेवा कब पूरी तरह बहाल होगी?
उत्तर: सरकार और इसरो के मुताबिक, अगला आधुनिक सैटेलाइट NVS-03 लॉन्च के लिए तैयार है। इसके अंतरिक्ष में स्थापित होते ही न्यूनतम चार सैटेलाइट्स की अनिवार्यता पूरी हो जाएगी और स्टैंडअलोन पोजीशनिंग सर्विस फिर से पूरी तरह काम करने लगेगी।
​(Published By: Ravi Pandey)

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