प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

नूरिस्तान घुसपैठ पर अफगानिस्तान का विरोध

अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया, नूरिस्तान में घुसपैठ पर जताया विरोध

अफगानिस्तान ने नूरिस्तान के इस्तिकलाल में डूरंड रेखा पार घुसपैठ पर पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया नूरिस्तान में घुसपैठ पर जताया विरोध

Afghanistan Protests Incursion into Nuristan |

काबुल [अफगानिस्तान]: अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार (स्थानीय समय) को काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब कर नूरिस्तान के इस्तिकलाल में डूरंड रेखा पार करके घुसपैठ कर रहे सशस्त्र तत्वों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।

पाकिस्तानी सेना पर लगाए गंभीर आरोप

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में पाकिस्तानी सेना की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह डूरंड रेखा पार करके अफगान क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे आतंकवादी तत्वों को प्रत्यक्ष परिचालन सहायता और मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। मंत्रालय ने आगे कहा कि अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों ने उन्हें रोककर उनकी योजनाओं को विफल कर दिया।

पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को सौंपा विरोध पत्र

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब किया और नूरिस्तान के इस्तिकलाल में डूरंड रेखा पार करके सशस्त्र तत्वों की कथित घुसपैठ के संबंध में कड़ा विरोध पत्र सौंपा। बयान में कहा गया है, "13 रबी अल-थानी, 1448 हिजरी को नूरिस्तान के कामदेश जिले के इस्तिकलाल में, दाएश और फितना समूहों के तत्वों ने पाकिस्तानी सैन्य शासन की प्रत्यक्ष सहायता और मार्गदर्शन से डूरंड रेखा पार करके घुसपैठ करने और उक्त क्षेत्र में विनाशकारी गतिविधियां करने का प्रयास किया, लेकिन अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात की सुरक्षा बलों ने उन्हें विफल कर दिया और उनकी योजनाओं को अंजाम देने से रोक दिया।"

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर लगाया संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप

अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा, "अफगानिस्तान का इस्लामी अमीरात पाकिस्तान के सैन्य शासन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में विनाशकारी तत्वों की भर्ती, संगठन, प्रशिक्षण और उपकरण केंद्रों को सुविधा प्रदान करने और उन्हें पाकिस्तानी सेना के सीधे नेतृत्व में डूरंड रेखा के पार भेजने की कड़ी निंदा करता है।"

पाकिस्तान को दी कार्रवाई के परिणामों की चेतावनी

बयान में घुसपैठ को अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन बताते हुए कहा गया, "पाकिस्तान के सैन्य शासन के ये कदम अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन हैं और इस्लाम के सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय मानकों और पड़ोसी संबंधों के विपरीत हैं।" इस्लामी अमीरात ने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों को जारी रखने और उनके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी पाकिस्तान के सैन्य शासन पर होगी।

(एएनआई)

ये भी पढ़ें: चिरबासा भूस्खलन क्षेत्र से 9,000 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

Related to this topic: