America : वॉशिंगटन। अमेरिकी और जॉर्डन की सेना ने 19 दिसंबर को सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के दर्जनों ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
America : वॉशिंगटन। अमेरिकी और जॉर्डन की सेना ने 19 दिसंबर को सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के दर्जनों ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई 13 दिसंबर को पल्मायरा में हुए हमले के जवाब में की गई, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक दुभाषिया मारे गए थे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इसे प्रतिशोध की कार्रवाई बताया, जबकि सीरियाई सरकार ने हमलों का समर्थन किया। अमेरिकी बलों ने "ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक" के तहत मध्य सीरिया में 70 से अधिक ISIS ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें लड़ाके, हथियार भंडार और बुनियादी ढांचा शामिल था। इस ऑपरेशन में F-15 और A-10 फाइटर जेट, अपाचे हेलीकॉप्टर और हिमर्स रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। उधर, जॉर्डन ने भी F-16 जेट से सहयोग दिया।
ट्रंप ने "गंभीर जवाबी कार्रवाई" की घोषणा की
हेगसेथ ने इसे "प्रतिशोध की घोषणा" बताया और कहा कि कई आईएसआईएस लड़ाके मारे गए, यह सिलसिला जारी रहेगा। सीरियाई सरकार ने हमलों का पूरा समर्थन किया; हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच आईएसआईएस के खिलाफ संयुक्त अभियान चल रहे हैं।
सीरिया में लगभग 900-1000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो आईएस आईएसआईएस के खिलाफ मिशन पर हैं। हाल के महीनों में अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के संदिग्धों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले और जमीनी अभियान चलाए हैं, जिनमें अक्सर सीरियाई सुरक्षा बलों की भागीदारी रही है।
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