रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लारोव से सेंट पीटर्सबर्ग में उच्चस्तरीय बैठक के बाद पिछले 48 घंटे में तीसरी बार मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचे।
तेहरान। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लारोव से सेंट पीटर्सबर्ग में उच्चस्तरीय बैठक के बाद पिछले 48 घंटे में तीसरी बार मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचे। 'मेजर फ्लक्स' पर अराघची ने इस दौरे के बारे में उल्लेख किया है कि रूस और ईरान में रणनीतिक सहयोग और गहरे हुए हैं।
रणनीतिक सहयोग पर जोर
सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर अपने वक्तव्य में अराघची ने रूसी नेतृत्व से वार्ता पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही उल्लेख किया कि आलोच्य अवधि में क्रेमलिन में उच्चतम स्तरीय वार्ता से वे खुश हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव के खिलाफ एकजुटता
अराघची ने इस बात पर जोर दिया—'हाल की घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि दोनों देशों की रणनीतिक भागीदारी गहरी और मजबूत है। साथ में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दोनों देश अंतर्राष्ट्रीय दबाव के खिलाफ संयुक्त रूप से मोर्चाबंद हैं।
युद्ध समाप्ति के प्रयास तेज
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के पाकिस्तान पहुंचने के बाद अमेरिका-ईरान युद्ध समाप्त कराने को लेकर तेजी से प्रगति हो रही है। ईरान के Press TV और रूस की समाचार एजेंसी TASS की रिपोर्ट में इस आशय की जानकारी दी गई है।
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
दोनों देशों के बीच पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। वह ईरान-अमेरिका की आपसी बातचीत को आगे बढ़ाने में सक्रिय है। अराघची मंगलवार को रूस दौरे के बाद एक बार फिर 48 घंटे में तीसरी बार पाकिस्तान पहुंचे हैं।
पहले भी हो चुकी अहम मुलाकातें
इससे पहले अराघची ने रविवार रात पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात के बाद इस्लामाबाद से सीधे रूस का दौरा किया था। उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे की बैठक हुई।
रूस की शांति पहल
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि बैठक में युद्ध और आक्रामकता से जुड़े गहन विचार-विमर्श हुआ। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस मध्य पूर्व में पक्की शांति स्थापित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ टकराव ईरान के हित में नहीं है और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए भी अनुकूल नहीं है।
कूटनीति बनी चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया
उन्होंने यह भी कहा कि रूस में ईरान से बातचीत करना एक जटिल प्रक्रिया है, लेकिन क्षेत्र में स्थिरता के लिए यह आवश्यक कदम है।
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