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ईरान पहुंचे पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर

ईरान पहुंचे पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अहम बातचीत पर नजर

पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान पहुंचे हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच यह दौरा पाकिस्तान की मध्यस्थता और क्षेत्रीय संतुलन की कोशिशों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

ईरान पहुंचे पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अहम बातचीत पर नजर

Asim Munir in Iran Amid Rising US-Iran Tensions and Regional Diplomacy |

तेहरान (ईरान)। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर सोमवार को ईरान के दौरे पर तेहरान पहुँचे, जहाँ वह ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है और पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच संवाद और मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। ईरान ने मुनीर के दौरे को दोनों देशों के बीच मौजूदा मजबूत और विशेष संबंधों का हिस्सा बताया है।

ईरान-पाकिस्तान संबंधों को मजबूत करने पर जोर

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि मुनीर का दौरा सोमवार के लिए तय था और यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के दायरे में होगा। मुनीर के आने से पहले एक प्रेस ब्रीफिंग में बघाई ने कहा, "ईरान और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध सचमुच अपने सबसे अच्छे दौर से गुज़र रहे हैं, और दोनों पक्ष सभी क्षेत्रों में इन संबंधों को दिन-ब-दिन बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्यस्थ की भूमिका में पाकिस्तान

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और लगातार चल रही खींचतान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान ने पहले भी पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान वाशिंगटन और तेहरान के बीच संपर्क बनाने में मदद की है, जिसमें जून में एक अंतरिम समझौते की कोशिशें भी शामिल थीं, जो बाद में विफल हो गईं।

मुनीर और ओमान के विदेश मंत्री के दौरों का आपस में संबंध नहीं

जब पूछा गया कि क्या मुनीर का दौरा ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी के तेहरान दौरे से जुड़ा है, तो बघाई ने कहा कि दोनों दौरों का आपस में कोई संबंध नहीं है और वे बस एक ही समय पर हो रहे हैं। बघाई ने कहा, "ओमान के दौरे का इससे कोई लेना-देना नहीं है; समय के हिसाब से ये बस लगभग एक साथ हो रहे हैं।"

होर्मुज और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा, रक्षा समझौते के बाद बढ़ी अहमियत

अल बुसैदी मंगलवार को ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए तेहरान जाने वाले हैं। उम्मीद है कि बातचीत में द्विपक्षीय संबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) व समुद्री यातायात से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। मुनीर का यह दौरा पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की द्वारा 7 अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ समय बाद हो रहा है।समझौते में कहा गया है कि तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और इसमें बेहतर रक्षा सहयोग और सामूहिक प्रतिरोध (collective deterrence) की व्यवस्था है।

हूथी हमले के बाद सामूहिक रक्षा समझौते पर उठे सवाल

सऊदी अरामको की जाज़ान रिफाइनरी पर हूथी ड्रोन हमले के बाद इस समझौते की पहले ही समीक्षा की जा चुकी है। यह घटना समझौते पर हस्ताक्षर होने के ठीक दो दिन बाद हुई और इससे यह सवाल उठा कि सामूहिक रक्षा की प्रतिबद्धता असल में कैसे काम करेगी। हूथी हमले के बाद तुर्की या पाकिस्तान की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई तत्काल सैन्य प्रतिक्रिया नहीं दी गई। हूथी यमन का एक विद्रोही समूह है जो ईरान समर्थित प्रॉक्सी के तौर पर भी काम करता है।

NATO आर्टिकल 5 जैसा है सामूहिक रक्षा प्रावधान: तुर्की

तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने सामूहिक रक्षा के प्रावधान को तकनीकी रूप से नाटो (NATO) के आर्टिकल 5 के समान बताया है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हमले के बाद सदस्य देश मदद के स्वरूप और पैमाने पर विचार-विमर्श करेंगे, न कि तुरंत लड़ाई में शामिल हो जाएंगे।

ईरान दौरे से पाकिस्तान की संतुलनकारी भूमिका पर रहेगी नजर

इस पृष्ठभूमि में, तेहरान में मुनीर की बातचीत से पाकिस्तान की संतुलनकारी भूमिका पर ध्यान आकर्षित होने की उम्मीद है। इस्लामाबाद के सऊदी अरब और तुर्की के साथ करीबी रणनीतिक संबंध हैं, जबकि पड़ोसी ईरान के साथ भी उसके लंबे समय से संबंध बने हुए हैं। (Source: ANI

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