वॉशिंगटन। अमेरिका ने शनिवार को ईरान के खिलाफ ऑपरेशन 'इपिक फर्री' के तहत कई शस्त्रों का इस्तेमाल किया था...
वॉशिंगटन। अमेरिका ने शनिवार को ईरान के खिलाफ ऑपरेशन 'इपिक फर्री' के तहत कई शस्त्रों का इस्तेमाल किया था, जिनमें एन्थ्रोपिक की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) सेवा भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्थिति से परिचित एक सूत्र के हवाले से बताया कि पेंटागन ने ईरान पर हमले के दौरान एंथ्रोपिक की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाओं का इस्तेमाल किया। इसमें उसके क्लाउड टूल्स भी शामिल थे।
एंथ्रोपिक का इस्तेमाल अमेरिका के इसे सप्लाई चेन रिस्क और नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बताने के कुछ ही समय बाद हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक यह पता नहीं चल सका कि युद्ध में इन टूल्स का इस्तेमाल कैसे किया गया और पेंटागन और एंथ्रोपिक ने कमेंट के लिए रिक्वेस्ट का तुरंत जवाब नहीं दिया।
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि अमेरिका ने अपने B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स को 2,000 पाउंड के बमों से ईरान की मजबूत जमीन के नीचे बनी मिसाइल फैसिलिटी पर हमला करने के लिए तैनात किया था। वॉशिंगटन ने पिछले साल जून में ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर अपने हमलों के दौरान भी स्टेल्थ बॉम्बर को तैनात किया था।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी मिलिट्री ने कहा कि उसने सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल किया, जो पेंटागन की जारी तस्वीरों के आधार पर, फीनिक्स, एरिजोना की स्पेक्ट्रेवर्क्स के बनाए नए ल्यकस (लो-कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम) जैसे ही दिखते हैं, हालांकि, कंपनी ने कमेंट के लिए रिक्वेस्ट का जवाब नहीं दिया। लुकास कम लागत वाला मानवरहित लड़ाकू हमला सिस्टम, या ड्रोन है।
पेंटागन ने कहा कि पहली बार अमेरिकी मध्य कमान ने ईरान के शाहेद ड्रोन की तरह वन-वे अटैक ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। अमेरिका सेंट्रल कमांड ने तस्वीरें और वीडियो फुटेज भी जारी किए। उनमें ईरान पर हमलों में इस्तेमाल किए जा रहे एफ ए -18 और एफ-35 फाइटर जेट दिखाए गए। अमेरिका सेंट्रल कमांड ने 'ऑप एपिक फ्यूरी' के एक्स पर एक पोस्ट में और विज़ुअल शेयर किए, जिसमें बताया गया कि 'हमले जारी हैं।'
इसने एक्स पर एक पोस्ट में ऑपरेशन के पहले 24 घंटों में हथियारों और टारगेट के टाइप की लिस्ट शेयर की। सोमवार सुबह भी इजराइली एयर फोर्स ने कहा कि इजराइली सुरक्षा बलों ने ईरान में बड़े पैमाने पर हमलों में ईरान के ठिकानों पर हमला करना जारी रखे हुए है। इसमें आगे कहा गया, 'एयर फोर्स ने मिलिट्री इंटेलिजेंस के गाइडेंस में अब तेहरान के बीचों-बीच ईरानी 'आतंकी' शासन के एसेट्स को टारगेट करते हुए हमलों की बौछार कर दी।
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