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बुजुर्गों से लाखों डॉलर की ठगी का आरोप

अमेरिका से कथित तौर पर फरार भारतीय नागरिक कनाडा में गिरफ्तार, प्रत्यर्पण की तैयारी

अमेरिका में बुजुर्गों से लाखों डॉलर की ठगी के आरोप में 21 वर्षीय भारतीय नागरिक जय सुनीलभारती गोस्वामी कनाडा में गिरफ्तार, अमेरिका प्रत्यर्पण की तैयारी। पढ़ें पूरी खबर।

अमेरिका से कथित तौर पर फरार भारतीय नागरिक कनाडा में गिरफ्तार प्रत्यर्पण की तैयारी

A seal showing Justice Department headquarters |

न्यूयॉर्क (अमेरिका)। अमेरिका में बुजुर्गों को निशाना बनाकर कथित तौर पर लाखों डॉलर की ठगी के मामले में न्यू जर्सी में रहने वाले 21 वर्षीय भारतीय नागरिक को कनाडा में हिरासत में लिया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को बताया कि वह मुकदमे से पहले मिली सशर्त रिहाई के बाद कथित तौर पर अमेरिका से फरार होकर कनाडा पहुंच गया था। उसकी गिरफ्तारी एक अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन अभियान के बाद हुई।

गुजरात, भारत के मूल निवासी जय सुनीलभारती गोस्वामी को 20 अगस्त 2026 को कनाडाई अधिकारियों ने टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई अमेरिका के प्रत्यर्पण संबंधी अस्थायी गिरफ्तारी अनुरोध के आधार पर की गई। गोस्वामी पर वायर फ्रॉड, वायर फ्रॉड करने की साजिश, मनी लॉन्ड्रिंग और मनी लॉन्ड्रिंग करने की साजिश के आरोप हैं। इन आरोपों में अधिकतम 20 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

बुजुर्गों को बैंक खाते से छेड़छाड़ का डर दिखाने का आरोप

अमेरिकी अटॉर्नी माइकल डिगियाकोमो की ओर से घोषित आपराधिक शिकायत के अनुसार, IRS Criminal Investigation ने जनवरी 2026 में देशभर में चल रहे एक फोन और इंटरनेट आधारित घोटाले का पता लगाया था। आरोप है कि इसमें शामिल लोग बुजुर्ग पीड़ितों को डराते थे कि उनके बैंक खाते से छेड़छाड़ हुई है या वे खतरे में हैं। इसके बाद उन्हें अपनी संपत्ति नकदी या सोने में बदलने के लिए राजी किया जाता था।

बैंक खाते में 90 हजार डॉलर से अधिक नकद जमा

जांचकर्ताओं के अनुसार, गोस्वामी ने कथित तौर पर "money mule" के रूप में काम किया और न्यूयॉर्क तथा न्यू जर्सी में 59 से 87 वर्ष की उम्र के बुजुर्ग पीड़ितों से सीधे नकदी और सोना एकत्र किया। कम से कम 9 मामलों में पीड़ितों को लगभग 7,559,185 डॉलर का नुकसान हुआ। वित्तीय रिकॉर्ड के मुताबिक, अगस्त 2025 से अप्रैल 2026 के बीच गोस्वामी ने बैंक ऑफ अमेरिका के एक खाते में 90,000 डॉलर से अधिक नकद जमा किया। माना जाता है कि यह रकम उसकी भूमिका के बदले मिली भरपाई थी।

रिहाई के अगले दिन पीस ब्रिज के रास्ते कनाडा पहुंचा

गोस्वामी की 17 अगस्त को शुरुआती अदालत पेशी हुई थी, जिसके बाद उसे कुछ शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। अगले दिन वह पीस ब्रिज के रास्ते कनाडा में दाखिल हुआ और टोरंटो से कतर की राजधानी दोहा जाने वाली उड़ान बुक की। कनाडाई कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने सबसे पहले उसे पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आव्रजन नियमों के उल्लंघन के सिलसिले में हिरासत में लिया। इसके बाद अमेरिकी प्रत्यर्पण गिरफ्तारी अनुरोध के तहत उसे गिरफ्तार किया गया।

अमेरिका प्रत्यर्पण के लिए कनाडाई अधिकारियों के साथ काम कर रहा DOJ 

अमेरिकी न्याय विभाग का Office of International Affairs गोस्वामी के अमेरिका प्रत्यर्पण को सुनिश्चित करने के लिए कनाडाई अधिकारियों और US Marshals Service के साथ मिलकर काम कर रहा है। अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि गोस्वामी पर लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप मात्र हैं और अदालत में दोष सिद्ध होने तक उसे निर्दोष माना जाएगा। विभाग ने कहा कि किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगना महज एक आरोप है और दोष सिद्ध होने तक आरोपी को निर्दोष माना जाता है।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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